मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर मुख्य पीठ ने अवमानना याचिका (Contempt Petition) पर सुनवाई करते हुए पन्ना जिले की जिलाधिकारी (Collector) उषा परमार के खिलाफ बड़ा और कड़ा रुख अपनाया है। हाई कोर्ट की एकलपीठ ने पन्ना कलेक्टर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (Non-Bailable Warrant) जारी करते हुए उन्हें आगामी 30 सितंबर 2026 को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का सख्त निर्देश दिया है। कोर्ट ने पन्ना पुलिस अधीक्षक (SP) को इस वारंट की तामीली सुनिश्चित कराने का आदेश दिया है।

जस्टिस विवेक जैन की सिंगल बेंच ने यह तल्ख आदेश कोर्ट के पूर्व आदेशों और अवमानना नोटिस की लगातार अनदेखी करने के मामले में जारी किया है।
नोटिस के बाद भी न जवाब दिया, न हाजिर हुईं कलेक्टर
हाई कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सामने आया कि अवमानना की यह प्रक्रिया लंबे समय से लंबित थी:
- दिसंबर 2025 में जारी हुआ था नोटिस: एकलपीठ ने पाया कि इस अवमानना याचिका पर 4 दिसंबर 2025 को ही पन्ना कलेक्टर उषा परमार को नोटिस जारी किया गया था।
- समीक्षा और रिपोर्ट गायब: 5 अक्टूबर 2025 को कलेक्टर कार्यालय द्वारा नोटिस मिलने की बात रजिस्ट्रार को भेजी गई थी और स्थापना शाखा प्रभारी को संपर्क अधिकारी बनाया गया था। लेकिन इसके बावजूद न तो कलेक्टर की ओर से किसी वकील के जरिए उपस्थिति दर्ज कराई गई और न ही हाई कोर्ट के मूल आदेश के पालन (Compliance Report) की कोई रिपोर्ट पेश की गई।
- कड़ा रुख: न्यायिक गरिमा और अदालती आदेशों की लगातार हो रही अवहेलना पर नाराजगी जताते हुए जस्टिस विवेक जैन की अदालत को अंततः गैर-जमानती वारंट जारी करने का कठोर कदम उठाना पड़ा।
क्या है पूरा मामला? जानिए रिटायर्ड कर्मचारी की याचिका
यह पूरा विवाद पन्ना कलेक्ट्रेट की एक रिटायर्ड कर्मचारी के नियमितीकरण (Regularization) और उसके बाद अवमानना से जुड़ा है:
- सेक्शन ऑफिसर की याचिका: कलेक्ट्रेट पन्ना में पदस्थ रहीं रिटायर्ड कर्मचारी जावीं आरा रिजवी ने नियमितीकरण की मांग को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
- 90 दिनों का दिया था वक्त: 13 अगस्त 2025 को याचिका का निपटारा करते हुए हाई कोर्ट ने पन्ना कलेक्टर को 90 दिनों के भीतर याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन (Representation) का वैधानिक निराकरण करने का स्पष्ट आदेश दिया था।
- अवमानना का मामला: तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी जब कलेक्ट्रेट से कोई निर्णय नहीं लिया गया, तब याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विद्या प्रसाद ने हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की।
प्रशासनिक महकमे में हड़कंप, 30 सितंबर को होना होगा पेश
जिले के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ हाई कोर्ट द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने की खबर से मध्य प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और पन्ना कलेक्ट्रेट में हड़कंप मच गया है। अब पन्ना एसपी को कानूनी तौर पर इस वारंट की तामीली कराकर 30 सितंबर को कलेक्टर उषा परमार की हाई कोर्ट के समक्ष उपस्थिति सुनिश्चित करानी होगी।
प्रांशु विश्वकर्मा मध्य प्रदेश के सतना जिले के युवा ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर, कंटेंट राइटर हैं। पिछले 4 वर्षों से वे क्षेत्रीय डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। बिजनेस, रोजगार, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रभावशाली अंदाज़ में प्रस्तुत करने के साथ-साथ वे प्रोफेशनल न्यूज़ ग्राफिक्स, वीडियो एडिटिंग और सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। वे Satna Times, Udghosh Samay News, Prabha Superfast, state break News जैसे डिजिटल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े रहे हैं।
