बिहार के जहानाबाद जिले से नागरिक जिम्मेदारी और सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण पर सवाल खड़े करने वाली एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। जिले के मखदुमपुर इलाके में सड़क निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा बिछाए जा रहे गीले सीमेंट और कंक्रीट (मसाले) को स्थानीय ग्रामीण धड़ल्ले से बाल्टियों, तगारियों और बर्तनों में भरकर अपने घर ले गए। इस अभूतपूर्व लूट-खसोट के कारण ठेकेदार को मजबूरन सड़क निर्माण का काम बीच में ही रोकना पड़ा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत पर कड़ा आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं।
निजी इस्तेमाल और घर की मरम्मत के लिए चुरा ले गए सामग्री
सामने आए वायरल वीडियो और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार:
- सार्वजनिक सामग्री की लूट: मखदुमपुर में ढलाई वाली पक्की सड़क (PCC Road) का निर्माण कार्य चल रहा था। जैसे ही सड़क पर गीला कंक्रीट और सीमेंट का मिश्रण डाला गया, आसपास के लोग बाल्टी और तगाड़ी लेकर मौके पर पहुंच गए।
- घरेलू कामों में इस्तेमाल: लोग किसी भी नियम और कानून की परवाह किए बिना सड़क पर बिछाई जा रही निर्माण सामग्री को अपने निजी घरेलू कामों, फर्श की ढलाई और मकानों की मरम्मत के लिए चुराकर घर ले जाने लगे।
- काम रोकना पड़ा: सामग्री की अचानक हुई इस खुली लूट और नुकसान के चलते मौके पर मौजूद कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए और आखिरकार सड़क का काम अधूरा छोड़कर काम बंद करना पड़ा।
नागरिक जिम्मेदारी और सामाजिक नैतिकता पर खड़े हुए गंभीर सवाल
विकास कार्यों के बीच हुई इस तरह की अकल्पनीय घटना ने समाज में हमारी नागरिक जिम्मेदारी (Civil Sense) और बुनियादी नैतिकता पर गहरी बहस छेड़ दी है:
- विकास में बाधा: एक तरफ जहां राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन जनता की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए करोड़ों रुपये के बजट से पक्की सड़कों और बुनियादी ढांचे का निर्माण कराता है, वहीं दूसरी तरफ इस तरह का रवैया विकास की रफ्तार को सीधे तौर पर बाधित करता है।
- यूजर्स में गुस्सा: सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद यूजर्स का कहना है कि जहां लोग घटिया निर्माण कार्य पर सवाल उठाते हैं, वहीं जनता द्वारा सरकारी खजाने और सार्वजनिक संपत्ति का इस तरह दुरुपयोग करना बेहद शर्मनाक है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इस मामले का संज्ञान लेकर सरकारी निर्माण कार्य में बाधा डालने और सामग्री की चोरी करने वाले असामाजिक तत्वों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रांशु विश्वकर्मा मध्य प्रदेश के सतना जिले के युवा ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर, कंटेंट राइटर हैं। पिछले 4 वर्षों से वे क्षेत्रीय डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। बिजनेस, रोजगार, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रभावशाली अंदाज़ में प्रस्तुत करने के साथ-साथ वे प्रोफेशनल न्यूज़ ग्राफिक्स, वीडियो एडिटिंग और सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। वे Satna Times, Udghosh Samay News, Prabha Superfast, state break News जैसे डिजिटल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े रहे हैं।
