रीवा कलेक्टर का बड़ा एक्शन: जिस बस से पहुंचे ‘जन विश्वास’ कार्यक्रम, उतरते ही उसे कराया सीज; आरटीओ महकमे में हड़कंप

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में प्रशासनिक सख्ती का एक अनोखा और बड़ा मामला सामने आया है। गुढ़ तहसील में आयोजित ‘जन विश्वास’ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे जिला कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने कार्यक्रम स्थल पर उतरते ही उस बस को तुरंत सीज (जब्त) करने के कड़े निर्देश दे दिए, जिसमें वे खुद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सवार होकर आए थे। कलेक्टर के इस औचक और सख्त फैसले से परिवहन विभाग (RTO) और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।

सफर के दौरान खस्ताहाल बस से परेशान हुए अधिकारी

जानकारी के अनुसार, रीवा से गुढ़ तहसील तक अधिकारियों को ले जाने के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) द्वारा ‘तिवारी ट्रैवल्स’ की बस उपलब्ध कराई गई थी:

  • सफर में आई दिक्कतें: बस की स्थिति बेहद जर्जर और खस्ताहाल थी। रीवा से गुढ़ के पूरे रास्ते में बस में आ रही तकनीकी खराबी और खटारा व्यवस्था के कारण कलेक्टर समेत जिले के कई आला अधिकारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
  • उतरते ही लिया एक्शन: गुढ़ पहुंचते ही जैसे ही बस रुकी, कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने उतरकर बस की जर्जर स्थिति का जायजा लिया और मौके पर मौजूद एसडीएम व आरटीओ अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त की।

‘जब अधिकारी परेशान, तो आम जनता का क्या?’

बस की अनफिट हालत पर कड़ा रुख अपनाते हुए कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा:

“जब इस बस में सफर करने वाले जिम्मेदार अधिकारी ही इतनी असुविधा और परेशानी झेल रहे हैं, तो रोज इसमें सफर करने वाले आम यात्रियों का क्या हाल होता होगा? यात्रियों की जान-माल और सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन वाहनों की फिटनेस ठीक नहीं है, वे सड़कों पर नहीं चलने चाहिए।”

मौके पर ही RTO और SDM ने बस को किया जब्त

कलेक्टर के कड़े रुख को देखते हुए आरटीओ और प्रशासनिक टीम तुरंत हरकत में आई। अधिकारियों ने मौके पर ही ‘तिवारी ट्रैवल्स’ की बस के खिलाफ जब्ती की कार्रवाई करते हुए उसे सीज कर दिया।

इस पूरी कार्रवाई के बाद अब रीवा आरटीओ विभाग की कार्यशैली और वाहनों की फिटनेस जांच प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर बिना फिटनेस जांचे इतनी जर्जर बस अधिकारियों को किस आधार पर उपलब्ध कराई गई थी।

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