म.प्र. जल निगम अब कहलाएगा ‘MP-वास्को’: सीएम डॉ. मोहन यादव की बैठक में पुनर्गठन का प्रस्ताव मंजूर

भोपाल मध्य प्रदेश में जल आपूर्ति और स्वच्छता प्रबंधन के ढांचे को और अधिक सुदृढ़ व आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्यमंत्री निवास (समत्व भवन) में ‘मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित’ (MPJNM) के संचालक मंडल की 26वीं बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जल निगम का पुनर्गठन कर इसे नया नाम ‘मध्यप्रदेश वाटर एंड सेनिटेशन कॉर्पोरेशन’ (MP-WASCO / एमपी-वास्को) देने का अहम प्रस्ताव पारित किया गया। संचालक मंडल ने इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए मंत्रि-परिषद् (कैबिनेट) को भेजने का निर्णय लिया है।

नए लक्ष्यों और अतिरिक्त संसाधनों के साथ काम करेगा ‘एमपी-वास्को’

बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश जल निगम अब अपने नए स्वरूप, नए नाम और नई जिम्मेदारियों के साथ प्रदेश भर में जल विकास, पेयजल आपूर्ति तथा स्वच्छता प्रबंधन के क्षेत्रों में नए लक्ष्यों और अतिरिक्त संसाधनों के साथ तेजी से कार्य करेगा।

संचालक मंडल की बैठक में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:

  • टेंडर मंजूरी की सीमा में 5 गुना वृद्धि: प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन और एग्जीक्यूशन में तेजी लाने के उद्देश्य से जल निगम के प्रबंध संचालक (MD) की टेंडर मंजूरी की वित्तीय सीमा को ₹5 करोड़ से बढ़ाकर ₹25 करोड़ करने का अनुमोदन किया गया।
  • 60 मेगावाट पवन ऊर्जा परियोजना में हिस्सेदारी: कैप्टिव मोड के तहत 60 मेगावॉट ग्रिड-कनेक्टेड पवन ऊर्जा परियोजना विकसित करने वाली प्रोजेक्ट कंपनी में मप्र जल निगम के प्रतिनिधित्व हेतु MD को अधिकृत किया गया। साथ ही इसमें 26% इक्विटी शेयर (डीमैट रूप में) रखने को मंजूरी दी गई।
  • वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट का अनुमोदन: वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जल निगम द्वारा तैयार ₹57 करोड़ के बजट अनुमान और वित्तीय लेखाओं का अनुमोदन किया गया।
  • महत्वपूर्ण नियुक्तियां: जल निगम के संचालक मण्डल में स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) के पद पर पूर्व आईएएस श्री सुमित बोस की पुन: नियुक्ति को स्वीकृति प्रदान की गई।

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