इंदौर में 19 सितंबर को आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के समक्ष मंच से अपनी आपबीती सुनाने वाली बड़वानी जिले की 25 वर्षीय प्रियंका सेंगर की जिंदगी में नई रोशनी की उम्मीद जागी है। राहुल गांधी द्वारा मंच पर किए गए वादे के बाद उनकी दिल्ली और इंदौर की विशेष टीमों ने प्रियंका से संपर्क साधकर इलाज की कवायद शुरू कर दी है।

3 साल की उम्र में हादसे का शिकार हुई थीं प्रियंका, आर्थिक तंगी से रुका था दूसरा ऑपरेशन
बड़वानी जिले की सेंधवा तहसील अंतर्गत ग्राम पाड़छा की रहने वाली प्रियंका सेंगर वर्तमान में इंदौर के मूसाखेड़ी में रहकर यूजीसी-नेट (UGC-NET) की तैयारी कर रही हैं:
- बचपन का हादसा: प्रियंका जब महज 3 साल की थीं, तब एक दुखद हादसे में उनकी दाईं आंख में चूना चला गया था, जिससे आंख को गंभीर नुकसान पहुंचा और धीरे-धीरे एक आंख की रोशनी चली गई।
- अधूरा इलाज: वर्ष 2018 में कक्षा 12वीं में पढ़ाई के दौरान प्रियंका के दादाजी उन्हें इलाज के लिए गुजरात के वडोदरा ले गए थे, जहां डॉक्टरों ने एक ऑपरेशन किया। डॉक्टरों ने बताया था कि आंख की रोशनी वापस लाने के लिए एक और जटिल ऑपरेशन की जरूरत होगी।
- आर्थिक तंगी बनी रुकावट: पिता उदय सिंह के पास जमीन का सीमित हिस्सा होने और परिवार की बेहद कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण दूसरा महंगा ऑपरेशन नहीं हो सका। इसके बावजूद प्रियंका ने हिम्मत नहीं हारी और बीएससी (BSc) के बाद एमएसडब्ल्यू (MSW) की डिग्री पूरी की।
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी से साझा किया था दर्द
अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के नेशनल कोऑर्डिनेटर पोरलाल खरते के अनुसार, इंदौर कार्यक्रम के प्रचार अभियान के दौरान प्रियंका का चयन इंटरव्यू प्रक्रिया के जरिए किया गया था। मंच से प्रियंका ने राहुल गांधी को अपनी पढ़ाई के संघर्ष और आंख की समस्या के बारे में विस्तार से बताया था, जिस पर राहुल गांधी ने खुद उनके पूरे इलाज का खर्च उठाने और बेहतर डॉक्टरी सुविधा मुहैया कराने का भरोसा दिया था।
राहुल गांधी की टीम प्रियंका के संपर्क में, जल्द तय होगा अस्पताल
छात्र नेता सरदार नरगावे और प्रियंका ने बताया कि राहुल गांधी की इंदौर और दिल्ली की टीमें अब लगातार उनके संपर्क में हैं:
- विशेषज्ञ डॉक्टरों की तलाश: टीम फिलहाल देश के अग्रणी आई स्पेशलिस्ट हॉस्पिटलों (Eye Specialist Hospitals) से संपर्क कर रही है, ताकि प्रियंका की आंख का सफल ऑपरेशन कराया जा सके।
- जल्द बुलावा: अस्पताल और ट्रीटमेंट प्लान फाइनल होते ही प्रियंका और उनके परिजनों को दिल्ली या संबंधित उच्च स्तरीय चिकित्सा केंद्र बुलाया जाएगा।
इलाज का आश्वासन मिलने के बाद प्रियंका और उनके परिवार में खुशी की लहर है और उन्हें अपनी दाईं आंख की रोशनी वापस मिलने की पूरी उम्मीद जगी है
प्रांशु विश्वकर्मा मध्य प्रदेश के सतना जिले के युवा ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर, कंटेंट राइटर हैं। पिछले 4 वर्षों से वे क्षेत्रीय डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। बिजनेस, रोजगार, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रभावशाली अंदाज़ में प्रस्तुत करने के साथ-साथ वे प्रोफेशनल न्यूज़ ग्राफिक्स, वीडियो एडिटिंग और सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। वे Satna Times, Udghosh Samay News, Prabha Superfast, state break News जैसे डिजिटल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े रहे हैं।
