मोबाइल चोरी के शक में 8 साल के मासूम को निर्वस्त्र कर पीटा सतना में हाथ-पैर बांधकर टॉर्चर किया, पिता बोले- करंट लगाया नाखून उखाड़े

मध्य प्रदेश के सतना जिले अंतर्गत धार्मिक स्थल चित्रकूट (गुप्त गोदावरी) में इंसानियत को शर्मसार करने वाली बर्बरता का मामला सामने आया है। यहां महज एक मोबाइल चोरी के शक में 8 वर्षीय मासूम बच्चे को निर्वस्त्र कर दुकान के अंदर बंधक बनाया गया और हाथ-पैर बांधकर बेरहमी से पीटा गया। मंगलवार को इस हैवानियत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

मोबाइल दुकान के अंदर मासूम से बर्बरता, पिता का आरोप- करंट लगाया

जानकारी के अनुसार, गुप्त गोदावरी क्षेत्र में राजेश पटेल की मोबाइल रिपेयरिंग और बिक्री की दुकान है। आरोप है कि मोबाइल चोरी के अंदेशे पर दुकानदार राजेश पटेल अपने दो अन्य साथियों के साथ 8 साल के मासूम बच्चे को घसीटते हुए दुकान के भीतर ले गया। वहां बच्चे के कपड़े उतारकर उसके हाथ-पैर बांध दिए गए और शटर गिराकर बेरहमी से मारपीट की गई।

पीड़ित मासूम के पिता ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि जब उन्हें घटना की भनक लगी, तो वे मौके पर पहुंचे और मोबाइल से वीडियो बनाते हुए दुकान का शटर उठाया। इस पर दबंग आरोपियों ने उनका मोबाइल भी छीन लिया। पिता का आरोप है कि आरोपियों ने मासूम को बिजली का करंट लगाकर टॉर्चर किया और उसके पैरों के नाखून तक उखाड़ दिए।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस एक्शन में

घटना का वीडियो मंगलवार को इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें मासूम के साथ की जा रही बर्बरता साफ नजर आ रही है। हालांकि, चित्रकूट पुलिस के मुताबिक यह घटना करीब 12 दिन पुरानी है। पीड़ित पिता की तहरीर पर 3 सितंबर को ही मामला दर्ज कर लिया गया था, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ तेज कर दी है।

3 आरोपियों पर नामजद एफआईआर, BNS की गंभीर धाराओं में केस दर्ज

चित्रकूट एसडीओपी (SDOP) राजेश सिंह बंजारे ने बताया कि पीड़ित पिता की शिकायत के आधार पर 3 सितंबर को ही अपराध क्रमांक 325/26 के तहत तीन आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।

नामजद आरोपी:

  1. राजेश पटेल (पिता भैरमदीन पटेल)
  2. रिंकू पटेल (पिता हीरालाल पटेल)
  3. शिवाकांत पटेल (पिता स्व. कमलेश पटेल)(सभी निवासी ग्राम टेढ़ी, थाना नयागांव)

पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 271(1), 133, 120(1), 296(A), 115(2), 351(2) और 3(5) के तहत गंभीर अपराध दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो का फॉरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है और आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *