मध्य प्रदेश के रीवा स्थित संजय गांधी स्मारक अस्पताल (SGMH) में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की इलाज के दौरान हुई मौत का मामला अब गंभीर मोड़ ले चुका है। न्याय की मांग को लेकर पीड़ित पिता रामशरण मिश्रा का आमरण अनशन मंगलवार को 14वें दिन भी जारी रहा। लगातार 14 दिनों की भूख हड़ताल के कारण पिता की शारीरिक हालत बेहद चिंताजनक हो चुकी है, लेकिन वे दोषियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज होने तक अनशन खत्म न करने पर अड़े हैं।

सिरमौर चौराहे पर देर रात समर्थकों का कड़ा पहरा
अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही के खिलाफ सिरमौर चौराहे पर चल रहा यह धरना अब दिन-रात का रूप ले चुका है। अत्यधिक कमजोरी के कारण पिता रामशरण मिश्रा अब बैठ पाने में भी असमर्थ हैं और अनशन स्थल पर लेटे हुए हैं। उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए परिवारजन और समर्थक रातभर बारी-बारी से पहरा दे रहे हैं और उनकी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
25 अगस्त को भर्ती हुई थीं कल्पना, 26 को हुई थी मौत
उल्लेखनीय है कि कल्पना मिश्रा को 25 अगस्त को प्रसव (Delivery) के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल में दाखिल कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की भारी लापरवाही के कारण 26 अगस्त को इलाज के दौरान कल्पना और उनके नवजात की मौत हो गई। इसके बाद से ही परिजन जिम्मेदारों पर गैर-इरादतन हत्या का आपराधिक मामला दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं।
अब तक 4 स्वास्थ्यकर्मी निलंबित, डीन व अधीक्षक पर भी गिरी गाज
मामले में मचे बवाल और लगातार विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक स्तर पर कई बड़ी कार्रवाइयां की जा चुकी हैं:
- 4 निलंबन: डॉ. सोनल अग्रवाल, एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. निधि पांडेय, तथा स्टाफ नर्स साधना वर्मा और सीमा मुजाल्दे को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जा चुका है।
- अधीक्षक को हटाया: संजय गांधी अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को उनके पद से हटा दिया गया है।
- डीन का तबादला: रीवा मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन डीन डॉ. सुनील अग्रवाल को हटाकर सतना मेडिकल कॉलेज स्थानांतरित किया गया, जबकि डॉ. शशिधर प्रसाद गर्ग को नई जिम्मेदारी सौंपी गई।
हालांकि, पीड़ित परिजनों का स्पष्ट कहना है कि निलंबन और तबादले विभागीय प्रक्रियाएं हैं। जब तक दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर आपराधिक कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
7 बिंदुओं पर जारी है मजिस्ट्रियल जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच का प्रभार एसडीएम सिरमौर दृष्टि जायसवाल को सौंपा गया है, जिन्हें 7 निर्धारित बिंदुओं पर एक महीने के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है।
परिजनों ने मांग की है कि घटना के दिन के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, डॉक्टरों के ड्यूटी रोस्टर और उनके पास मौजूद वीडियो साक्ष्यों को जांच में प्रमुखता से शामिल किया जाए। एक तरफ प्रशासन जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अनशन पर बैठे पिता की लगातार गिरती सांसों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
प्रांशु विश्वकर्मा मध्य प्रदेश के सतना जिले के युवा ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर, कंटेंट राइटर हैं। पिछले 4 वर्षों से वे क्षेत्रीय डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। बिजनेस, रोजगार, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रभावशाली अंदाज़ में प्रस्तुत करने के साथ-साथ वे प्रोफेशनल न्यूज़ ग्राफिक्स, वीडियो एडिटिंग और सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। वे Satna Times, Udghosh Samay News, Prabha Superfast, state break News जैसे डिजिटल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े रहे हैं।
