मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 12वीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों के लिए लागू “मुख्यमंत्री ई-स्कूटी एवं मोटराइज्ड वाहन योजना” को लेकर राज्य सरकार ने सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि योजना के तहत विद्यार्थियों या उनके अभिभावकों के बैंक खाते में भेजी जाने वाली राशि का इस्तेमाल केवल और केवल निर्धारित वाहन खरीदने के लिए ही करना होगा। यदि राशि का दुरुपयोग किया गया या वाहन नहीं खरीदा गया, तो सरकार न केवल पैसे की रिकवरी करेगी, बल्कि संबंधितों के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई जाएगी।
योजना के मुख्य दिशानिर्देश और तय राशि
शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूलों के टॉपर्स (70% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रत्येक स्कूल के प्रथम विद्यार्थी) के लिए जारी नियमों के अनुसार:
- ई-स्कूटी के लिए बजटीय सीमा: इलेक्ट्रिक स्कूटी (E-Scooty) की खरीद हेतु अधिकतम ₹1.20 लाख की राशि तय की गई है।
- मोटराइज्ड वाहन हेतु राशि: दिव्यांग या विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के मोटराइज्ड वाहन के लिए अधिकतम ₹90,000 की सहायता दी जाएगी।
- खाते में ट्रांसफर व्यवस्था: निर्धारित राशि सीधे पात्र विद्यार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी। विद्यार्थी का खाता न होने पर यह राशि माता-पिता/अभिभावक (Parents) के बैंक खाते में जाएगी।
- डीलर्स को भुगतान: वाहन पंजीयन (Registration), बीमा (Insurance) और एसेसरीज की राशि संबंधित अधिकृत वाहन विक्रेता को दी जाएगी।
वाहन नहीं खरीदा तो होगी रिकवरी और दंडात्मक कार्रवाई
राशि मिलने के बाद वाहन की खरीद सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) की होगी। यदि कोई छात्र या पालक राशि मिलने के बाद भी स्कूटी नहीं खरीदता है:
- विद्यार्थी और अभिभावक से सरकारी राशि की कड़ी वसूली (Recovery) की जाएगी।
- फर्जीवाड़ा या पैसे के दुरुपयोग की स्थिति में संबंधित थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज होगी।
- लापरवाही बरतने पर जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ भी प्रशासनिक व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- योजना के सुचारू संचालन व जांच हेतु कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी, जिसमें DTO, जिला कोषालय अधिकारी और DEO सदस्य होंगे।
3 साल तक वाहन बेचने और ट्रांसफर करने पर प्रतिबंध
सरकार ने योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक और बड़ा प्रतिबंध लगाया है। योजना के तहत खरीदे गए वाहन को विद्यार्थी 3 वर्षों तक न तो बेच सकेगा और न ही किसी अन्य व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कर सकेगा। इसके लिए वाहन पंजीयन (RTO Registration) के दौरान ही आरसी बुक पर 3 साल की हाइपोथिकेशन (Hypothecation) दर्ज की जाएगी।
19 सितंबर को 7,500 से अधिक मेधावियों के खाते में आएगी राशि
प्रदेश भर के 7,500 से अधिक टॉपर विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 सितंबर 2026 को भोपाल के सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बटन दबाकर विद्यार्थियों के खातों में राशि का सिंगल क्लिक ट्रांसफर करेंगे।
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