सतना में नकली शराब रैकेट का पर्दाफाश: ब्रांडेड बोतलों में भरकर बेचते थे संदिग्ध तरल; मास्टरमाइंड समेत 2 गिरफ्तार

| सतना सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ जहरीली शराब कांड के बाद मध्य प्रदेश शासन के निर्देशों पर सतना आबकारी विभाग ने नकली व अपमिश्रित शराब बेचने वाले नेटवर्क के खिलाफ बड़ी स्ट्राइक की है। आबकारी विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ‘डिकॉय ऑपरेशन’ (Sting/Decoy Operation) चलाकर ब्रांडेड विदेशी शराब की बोतलों में जहरीला/संदिग्ध तरल भरकर सप्लाई करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। टीम ने नेटवर्क के डिलीवरी एजेंट सहित कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

‘मंकी शोल्डर’ ब्रांडेड बोतल में मिला संदिग्ध और तैलीय तरल

आबकारी विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शहर में लग्जरी और महंगी ब्रांडेड शराब की खाली बोतलों में अपमिश्रित तरल भरकर अवैध डिलीवरी की जा रही है। जब्त की गई बोतल पर ‘मंकी शोल्डर’ (Monkey Shoulder) ब्रांड का लेबल लगा हुआ था।

प्रारंभिक जांच में बोतल के भीतर मौजूद तरल में सूक्ष्म कण और तैलीय तत्व पाए गए हैं। आबकारी विभाग ने जब्त तरल का सैंपल सील कर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) जांच के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही इसमें मौजूद रसायनों का पूरी तरह खुलासा होगा।

डिकॉय ऑपरेशन से बिछाया जाल, सेमरिया चौक पर धराया एजेंट

आबकारी नियंत्रण कक्ष को मिली सटीक सूचना के बाद टीम ने खुद ग्राहक बनकर शराब का ऑर्डर दिया। 14 सितंबर की रात शहर के सेमरिया चौक स्थित ‘हैदराबादी बिरयानी सेंटर’ के पास डिलीवरी एजेंट को बुलाया गया।

जैसे ही डिलीवरी एजेंट सुनील कुशवाहा शराब की बोतल देने पहुंचा, सादे कपड़ों में तैनात आबकारी उप-निरीक्षक संजय साकेत और उनकी टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।

घूरडांग में देर रात दबिश, मास्टरमाइंड जितेंद्र शाह गिरफ्तार

पकड़े गए एजेंट सुनील कुशवाहा की निशानदेही पर आबकारी टीम ने देर रात घूरडांग गांव में दबिश दी। कार्रवाई की भनक लगते ही नेटवर्क का मास्टरमाइंड जितेंद्र कुमार शाह उर्फ रवि मोबाइल फोन और साक्ष्य छिपाने की कोशिश करने लगा, लेकिन मुस्तैद टीम ने उसे घेरकर गिरफ्तार कर लिया।

नेटवर्क का मॉडस ऑपरेंडी (Modus Operandi):

  • फोन पर बुकिंग: गिरोह मोबाइल कॉल और मैसेज के जरिए चुनिंदा ग्राहकों से सीधे संपर्क कर ऑर्डर लेता था।
  • कम मात्रा में डिलीवरी: पुलिस या आबकारी की पकड़ से बचने के लिए एजेंट एक बार में केवल 3-4 बोतलें ही लेकर निकलता था ताकि पकड़े जाने पर बड़ा मामला न बने।

आबकारी अधिनियम की धारा 49(क) के तहत केस दर्ज

जिला आबकारी अधिकारी सुरेंद्र कुमार उरांव ने बताया कि कलेक्टर सतीश कुमार एस के निर्देशन तथा सहायक आबकारी आयुक्त के मार्गदर्शन में उप-निरीक्षक आशीष बारिया, संजय साकेत और पूरी टीम ने इस सफल कार्रवाई को अंजाम दिया।

आबकारी विभाग ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 374/26 दर्ज करते हुए मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क) और अत्यंत गंभीर धारा 49(क) (अपमिश्रित जहरीली मदिरा का मामला) के तहत केस दर्ज किया है। मंगलवार को दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस और आबकारी अमला अब यह पता लगा रहा है कि फर्जी बोतलें कहां रिफिल की जा रही थीं और नेटवर्क में कौन-कौन शामिल हैं।

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