भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार (19 सितंबर 2026) को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय मेधावी विद्यार्थी स्कूटी वितरण कार्यक्रम में प्रदेश के 7,400 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को स्कूटी की सौगात दी। ‘मुख्यमंत्री स्कूटी योजना’ के अंतर्गत आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में CM ने कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं और कई छात्रों से मंच पर सीधा संवाद भी किया कार्यक्रम में लोक शिक्षण व स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, राज्यमंत्री कृष्णा गौर और विजय शाह विशेष रूप से उपस्थित रहे।

CM मोहन यादव के भाषण की प्रमुख बातें:
- सपनों को मिली नई रफ्तार: मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों को लगभग ₹1 लाख तक की कीमत वाली स्कूटी प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें आगे की कॉलेज की पढ़ाई के लिए आने-जाने में सहूलियत होगी।
- बजट में ऐतिहासिक इजाफा: वर्ष 2002-03 में जहां स्कूल शिक्षा का बजट मात्र ₹2,600 करोड़ था, वहीं वर्तमान में इसे बढ़ाकर ₹38,000 करोड़ कर दिया गया है।
- शून्य हुई ड्रॉप-आउट दर: प्राथमिक स्कूलों में 2002-03 तक ड्रॉप-आउट दर 16% थी, जो अब घटकर शून्य हो चुकी है। अब बोर्ड मेरिट लिस्ट में 50% छात्र सांदीपनि और सरकारी स्कूलों से आ रहे हैं।
2026 से ‘मुख्यमंत्री स्कूटी योजना’ के नए नियम
राज्य सरकार ने इस वर्ष से योजना के पात्रता मानदंडों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं:
| पात्रता मापदंड | नया नियम (2026 से प्रभावी) |
|---|---|
| न्यूनतम अंक (Minimum Marks) | 12वीं कक्षा में कम से कम 70% अंक हासिल करना अनिवार्य है। |
| स्कूल रैंक (School Rank) | विद्यार्थी का अपने संबंधित स्कूल में प्रथम स्थान (Top Rank) पर होना अनिवार्य है। |
| संस्थान (Type of School) | केवल मध्य प्रदेश के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों (Government Higher Secondary Schools) के छात्र पात्र हैं। |
CM ने मेधावी छात्रों से किया सीधा संवाद
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों व स्कूलों से आए टॉपर्स से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया:
- आकाश साहू (95.2% अंक): एग्रीकल्चर के छात्र आकाश ने बताया कि उनके पिता किसान हैं। वे एग्री-स्टार्टअप शुरू कर ऑनलाइन ‘क्विक कॉमर्स’ (ब्लिंकिट/जेप्टो मॉडल) के जरिए फल-सब्जी सप्लाई का बिजनेस करना चाहते हैं। CM ने उनके विजन की सराहना की।
- शब्द अहिरवार (95% अंक): सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय के छात्र शब्द के माता-पिता नहीं हैं। वे अपने चाचा-चाची के साथ रहकर CA की तैयारी कर रहे हैं।
- देवेश गुप्ता (सांदीपनि स्कूल): डेटा साइंटिस्ट बनने की इच्छा रखने वाले देवेश ने बताया कि वे डेटा एनालिसिस के जरिए कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज और प्राकृतिक आपदाओं (भूकंप) के पूर्व पूर्वानुमान पर काम करना चाहते हैं।
- अन्य मेधावी: मरियम खान (93.2%), रवि (93.4%) और खुशी राय ने CA बनने का लक्ष्य जताया, जबकि रानी सांडवा ने लॉयर (वकील) और मिनी जैन ने डॉक्टर (NEET) बनने का संकल्प व्यक्त किया।
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