मोदी-शाह से लेकर डोभाल और भागवत तक… राहुल गांधी ने इंदौर से ‘छात्रों की गूंज’ में सरकार पर साधा निशाना

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के रीजनल पार्क स्थित IDA ग्राउंड में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। इस 5वें स्टूडेंट आउटरीच प्रोग्राम में राहुल गांधी ने ‘सिस्टम बनाम छात्र’ विषय पर हजारों युवाओं से संवाद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, एनएसए अजीत डोभाल और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का नाम लेकर व्यवस्था पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सत्ता प्रणाली सवाल पूछने वाले निडर छात्रों के बजाय सवाल न करने वाले ‘अंधभक्तों’ को बढ़ावा दे रही है।

शीर्ष नेताओं और प्रशासनिक तंत्र पर राहुल गांधी के तीखे आरोप

हजारों छात्रों और युवाओं की मौजूदगी में राहुल गांधी ने मंच से स्लाइड दिखाते हुए दावा किया कि देश के सिस्टम को शीर्ष स्तर पर कुछ चुनिंदा लोग नियंत्रित कर रहे हैं:

  • पीएम मोदी और अमित शाह: राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सिस्टम की कमान नरेंद्र मोदी के हाथ में है, जबकि छात्रों की आवाज दबाने, डंडे चलाने और सख्त रुख अपनाने का काम गृह मंत्री अमित शाह बतौर ‘एनफोर्सर’ करते हैं।
  • अजीत डोभाल और मोहन भागवत: उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल पर संस्थागत नियंत्रण और फोन टैपिंग का आरोप लगाया, वहीं आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर वैचारिक नियंत्रण और संगठनों की फंडिंग को लेकर टिप्पणियां कीं।
  • अडानी-अंबानी पर निशाना: उन्होंने कहा कि देश के दो बड़े उद्योगपति इस पूरी व्यवस्था को फाइनेंस कर रहे हैं और मीडिया, न्यायपालिका से लेकर खेल संस्थाओं तक में अपने लोग बैठाए जा रहे हैं।

शिक्षा बजट में कटौती और उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का दावा

राहुल गांधी ने शिक्षा के गिरते स्तर और वित्तीय आंकड़ों को सामने रखते हुए सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए:

  • घटता शिक्षा बजट: वर्ष 2014 में जीडीपी/बजट का 4.6 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर खर्च होता था, जो अब घटकर मात्र 2.6 प्रतिशत रह गया है।
  • स्कॉलरशिप और स्कूल बंद: पिछले 10 वर्षों में लगभग 1.5 करोड़ छात्रों से छात्रवृत्तियां छीनी गई हैं और देश भर में करीब 1 लाख सरकारी स्कूल बंद किए गए हैं, जिनमें से 55% स्कूल अकेले मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के हैं।
  • ₹7.7 लाख करोड़ का आवंटन: उन्होंने दावा किया कि शिक्षा के सुधार में लगने वाला लगभग ₹7.7 लाख करोड़ का बजट बड़े उद्योगपतियों (अडानी-अंबानी) के हाथों में चला गया है।

“एक अंधभक्त कभी सवाल नहीं पूछता। वह कभी नहीं पूछता कि हमारे स्कूल-कॉलेज बदहाल क्यों हैं या पेपर क्यों लीक हो रहे हैं। यह सिर्फ एक छात्र है जो इन मुद्दों पर निडर होकर आवाज उठाता है और व्यवस्था को आईना दिखाता है।” — राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष

दिल्ली हादसे के पीड़ित परिवार से मुलाकात और प्रशासनिक खींचतान

आयोजन को लेकर पहले काफी प्रशासनिक खींचतान भी देखने को मिली। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम की अनुमति न मिलने के बाद कांग्रेस ने इस आयोजन को रीजनल पार्क के पास IDA ग्राउंड (‘भारत जोड़ो ग्राउंड’) में स्थानांतरित किया था।

  • दिल्ली हादसे के पीड़ित से मुलाकात: राहुल गांधी ने दिल्ली के सत्या निकेतन भवन हादसे में जान गंवाने वाले 18 वर्षीय छात्र अर्पण जज के परिजनों (देवास निवासी) से मुलाकात कर उनकी पीड़ा सुनी और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
  • छात्रों से आह्वान: राहुल गांधी ने अंत में छात्रों से अपील की कि देश में फैले डर, नफरत और हिंसा के माहौल को केवल युवा और छात्र ही अपनी एकजुटता और मोहब्बत से खत्म कर सकते हैं।

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