मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा में चूक का एक बड़ा मामला सामने आया है। मऊगंज के वन परिक्षेत्र हर्रहा, बहेराडाबर बीट स्थित ग्राम मलकपुर में शनिवार (19 सितंबर 2026) सुबह खेत के पास एक हाथी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया। शुरुआती जांच में हाथी की मौत का कारण खेत में फैले बिजली का करंट लगना बताया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम की अनुसूची-1 के तहत हाथी को ‘राष्ट्रीय धरोहर’ घोषित किया गया है। घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं साथी हाथी की मौत से गुस्साया दूसरा हाथी बेहद आक्रामक हो गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में डर और दहशत का माहौल है।

तीन महीने से भटक रहा था जोड़ा, निगरानी पर उठे गंभीर सवाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाथियों का यह जोड़ा बांधवगढ़-संजय टाइगर रिजर्व कॉरिडोर से रास्ता भटककर पिछले 3 महीनों से सीधी, मऊगंज और रीवा जिलों के सीमावर्ती वन व राजस्व क्षेत्रों में विचरण कर रहा था। पिछले एक सप्ताह से इनकी मौजूदगी मऊगंज जिले में देखी गई थी, जिसकी सूचना ग्रामीणों द्वारा वन विभाग को दी गई थी।
- लापरवाही के आरोप: नियम अनुसार शेड्यूल-1 के वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए 24 घंटे ट्रैकिंग, ‘हाथी मित्र दल’ की तैनाती और ग्रामीणों को अलर्ट करने के लिए मुनादी कराई जानी अनिवार्य है। लेकिन मऊगंज में इन जरूरी सुरक्षा इंतजामों का अभाव देखने को मिला।
- मुख्यालय दूर होने से देरी: मऊगंज के लगभग 70% वन क्षेत्र का प्रबंधन ‘मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम’ के पास है। जिला बने दो साल बीत जाने के बाद भी निगम का मंडल कार्यालय आज भी सीधी में है। वरिष्ठ अधिकारियों के रीवा/सीधी में बैठने के कारण वे घटनास्थल पर काफी देर से पहुंचे, हालांकि स्थानीय वनरक्षक तुरंत मौके पर पहुंचे।
मृत साथी के शव के पास चिंघाड़ रहा दूसरा हाथी, बना सुरक्षा संकट
घटना के बाद से मृत हाथी का साथी उग्र और बेहद आक्रामक हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, वह मृत हाथी के शव के पास ही डटा हुआ है और रुक-रुक कर चिंघाड़ रहा है।
हाथी के इस हिंसक और उग्र व्यवहार के कारण आसपास के गांवों में भारी तनाव है। हालांकि, वन विभाग और पुलिस अमले ने काफी मशक्कत और सतर्कता के साथ शव के पास पहुंचकर कानूनी व फॉरेंसिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रशासन और वन विभाग का बयान
- राकेश कोडपे (डीएफओ, वन विकास निगम): “सूचना मिलते ही विभागीय टीम को मौके पर रवाना किया गया था। डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा होगा और अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
- संजय कुमार जैन (कलेक्टर, मऊगंज): “सुबह 6 बजे सूचना मिलते ही पुलिस और वन अमला मौके पर तैनात कर दिया गया था। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। नागरिकों से अपील है कि वे किसी अफवाह पर ध्यान न दें, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन न करें।”
प्रांशु विश्वकर्मा मध्य प्रदेश के सतना जिले के युवा ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर, कंटेंट राइटर हैं। पिछले 4 वर्षों से वे क्षेत्रीय डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। बिजनेस, रोजगार, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रभावशाली अंदाज़ में प्रस्तुत करने के साथ-साथ वे प्रोफेशनल न्यूज़ ग्राफिक्स, वीडियो एडिटिंग और सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। वे Satna Times, Udghosh Samay News, Prabha Superfast, state break News जैसे डिजिटल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े रहे हैं।
