खरगोन/बड़वाह शेयर बाजार में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर बड़वाह के एक फॉरेस्ट गार्ड (वन रक्षक) को फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए ₹10.95 लाख का चूना लगाने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का खरगोन पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए गुजरात से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और राहत की बात यह है कि ठगी की पूरी रकम ₹10,95,157 बरामद कर ली गई है।

व्हाट्सऐप ग्रुप से शुरू हुआ जाल, डमी ऐप में दिखता रहा फर्जी मुनाफा
पुलिस के अनुसार बड़वाह निवासी फॉरेस्ट गार्ड राजेंद्र रावत से आरोपियों ने 5 फरवरी 2026 के आसपास संपर्क किया था।
- व्हाट्सऐप ग्रुप में झांसा: फरियादी को शेयर बाजार से भारी कमाई का लालच देकर एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां फर्जी मुनाफे के स्क्रीनशॉट भेजे जाते थे।
- डमी ऐप का खेल: ठगों ने राजेंद्र के मोबाइल में एक डमी ट्रेडिंग ऐप इंस्टॉल करवा दिया। फरियादी जैसे-जैसे पैसे ट्रांसफर करता, ऐप की स्क्रीन पर उसका निवेश और मुनाफा बढ़ता हुआ दिखता रहा।
- ₹10.95 लाख जमा कराए: स्क्रीन पर रकम बढ़ती देख फरियादी का भरोसा बढ़ता गया और उसने अलग-अलग खातों में कुल ₹10,95,157 जमा कर दिए। लेकिन जब उसने पैसे निकालने चाहे, तो निकासी रुक गई और उल्टे ‘सर्विस टैक्स’ के नाम पर और पैसे मांगे जाने लगे। ठगी का अहसास होते ही राजेंद्र ने बड़वाह थाने में शिकायत दर्ज कराई।
गुजरात के पाटन पहुंची पुलिस, जेल में बंद निकला मुख्य सूत्रधार
बड़वाह थाना प्रभारी राजेंद्र बर्मन के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने BNS की धाराओं 318(4) और 319(2) के तहत केस दर्ज कर NCRP पोर्टल तथा बैंक खातों की जांच शुरू की।
- पहला सुराग: ठगी की रकम गुजरात के पाटन जिले के सिद्धपुर निवासी अमित प्रजापति के खाते में ट्रांसफर हुई थी। पुलिस ने दबिश देकर अमित को हिरासत में लिया।
- जेल से रिमांड: पूछताछ में अमित ने बताया कि उसने अपना बैंक खाता अपने रिश्तेदार संजय प्रजापति को दिया था। जांच में सामने आया कि संजय पहले से साइबर ठगी के एक अन्य मामले में गुरुग्राम की जिला जेल में बंद था। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत संजय का रिमांड लिया।
- साथी भी गिरफ्तार: संजय से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके साथी अनिल ठाकोर को भी दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
- अमित प्रजापति (29 वर्ष) — निवासी सिद्धपुर, जिला पाटन (गुजरात)
- संजय प्रजापति (41 वर्ष) — निवासी सिद्धपुर, जिला पाटन (गुजरात) (इसके खिलाफ गुरुग्राम में भी साइबर ठगी का केस दर्ज है)
- अनिल ठाकोर (27 वर्ष) — निवासी नवापुरा, जिला मेहसाणा (गुजरात)
खरगोन पुलिस की एडवाइजरी: फर्जी ऐप से रहें सावधान
पुलिस ने आम नागरिकों और निवेशकों से अपील की है कि:
- केवल SEBI (सेबी) द्वारा पंजीकृत संस्थानों और आधिकारिक ऐप्स के माध्यम से ही शेयर बाजार में निवेश करें।
- व्हाट्सऐप या टेलीग्राम ग्रुप में दिखाए जाने वाले भारी मुनाफे के स्क्रीनशॉट पर कभी भरोसा न करें।
- फर्जी ऐप्स की स्क्रीन पर दिखने वाला मुनाफा असली पैसा नहीं होता। निकासी के नाम पर अतिरिक्त टैक्स या चार्ज मांगने वाले खातों में पैसे न डालें।
प्रांशु विश्वकर्मा मध्य प्रदेश के सतना जिले के युवा ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर, कंटेंट राइटर हैं। पिछले 4 वर्षों से वे क्षेत्रीय डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। बिजनेस, रोजगार, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रभावशाली अंदाज़ में प्रस्तुत करने के साथ-साथ वे प्रोफेशनल न्यूज़ ग्राफिक्स, वीडियो एडिटिंग और सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। वे Satna Times, Udghosh Samay News, Prabha Superfast, state break News जैसे डिजिटल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े रहे हैं।
