छत्तीसगढ़ में आकाशीय बिजली का कहर: 5 लोगों की मौत, 15 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट; बस्तर में स्कूल बंद और फ्लाइट रद्द

रायपुर बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी सिस्टम के असर से छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश और आकाशीय बिजली (वज्रपात) का कहर देखने को मिल रहा है। प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने की घटनाओं में 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। मौसम की खराबी को देखते हुए बस्तर जिले में प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है, वहीं जगदलपुर-हैदराबाद फ्लाइट भी रद्द कर दी गई है। मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर समेत राज्य के 15 जिलों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और भारी बारिश के साथ बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।

अलग-अलग हादसों में 5 लोगों की मौत

प्रदेश के विभिन्न जिलों से बिजली गिरने और जनहानि की दुखद खबरें सामने आई हैं:

  1. बालोद: खेत में काम कर रही एक महिला की बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 अन्य महिलाएं घायल हो गईं।
  2. बेमेतरा: बारिश से बचने के लिए तालाब के पास पेड़ के नीचे खड़े 2 मजदूरों की वज्रपात की चपेट में आने से जान चली गई।
  3. कांकेर: खेत में पेड़ के नीचे बैठे एक किसान पर बिजली गिर जाने से उसकी मौत हो गई।
  4. धमतरी (नगरी): सड़क पर मौजूद 4 लोगों के पास बिजली गिरने से एक युवक ने अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ दिया, वहीं 3 अन्य घायल भर्ती हैं।

बस्तर में जनजीवन प्रभावित: स्कूल बंद और फ्लाइट रद्द

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और खराब मौसम का असर बस्तर संभाग में सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है:

  • स्कूलों में छुट्टी: विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने बस्तर में स्कूलों की छुट्टी के आदेश जारी किए हैं।
  • हवाई सेवा प्रभावित: दृश्यता (Visibility) कम होने और खराब मौसम के चलते जगदलपुर से हैदराबाद के बीच चलने वाली नियमित फ्लाइट को रद्द करना पड़ा।

15 जिलों में ऑरेंज/येलो अलर्ट, मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज आंधी और भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। रायपुर समेत 15 जिलों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किमी/घंटा रह सकती है।

सावधानी बरतने की अपील: मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन टीम ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश या बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, खेतों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।

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