नई दिल्ली विपक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा वोटर लिस्ट, तकनीक और युवाओं के मतदान अधिकारों को लेकर उठाए गए तीखे सवालों के बाद भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने गुरुवार (24 सितंबर 2026) को स्थिति साफ की है। चुनाव आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 (RP Act 1950), स्पेशल समरी रिवीजन (SSR), स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और ECI NET सॉफ्टवेयर की सुरक्षा व कार्यप्रणाली को लेकर उठ रही आशंकाओं का विस्तार से जवाब दिया।

युवा वोटरों के लिए साल में 4 कट-ऑफ तारीखें
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और आयोग की ओर से स्पष्ट किया गया कि साल 2021 में RP Act 1950 की धारा 14 में हुए संशोधन के बाद युवाओं के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया काफी आसान कर दी गई है:
- 4 क्वालिफाइंग तारीखें: 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवाओं के लिए साल में चार तारीखें— 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर तय की गई हैं।
- अगले रिवीजन का इंतजार नहीं: यदि कोई युवा इन तारीखों पर 18 साल का होता है, तो उसे पूरी मतदाता सूची के नए सिरे से रिवीजन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा; वह तुरंत वोटर आईडी के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकता है।
- SSR और SIR अनिवार्य रूप से साथ नहीं: आयोग ने साफ किया कि SSR और SIR दोनों RP Act 1950 की धारा 21(3) के तहत वैकल्पिक प्रक्रियाएं हैं, जिन्हें एक साथ कराना कानूनन अनिवार्य नहीं है।
वोटर लिस्ट से नाम काटने और वापस जोड़ने का नियम
सॉफ्टवेयर के जरिए नाम काटने के आरोपों पर आयोग ने स्पष्ट किया कि ECI NET आने के बाद भी वैधानिक नियम पुराने ही लागू हैं:
- ERO के पास हटाने का अधिकार: केवल इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) को ही किसी नाम को सूची से जोड़ने या हटाने का कानूनी अधिकार है।
- कटने के बाद दोबारा खुद नहीं जोड़ सकता ERO: यदि ERO ने एक बार किसी वजह से नाम काट दिया, तो वह बिना औपचारिक आवेदन (फॉर्म 6 या 8) के उसे खुद ERO स्तर पर दोबारा वापस नहीं जोड़ सकता। यह व्यवस्था जवाबदेही (Accountability) तय करने के लिए बनाई गई है।
- अपील और DEO का अधिकार: नाम कटने की स्थिति में मतदाता ऊपरी अधिकारी यानी जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) के पास आदेश को चुनौती दे सकता है। DEO के आदेश के बाद नाम वापस जोड़ा जा सकता है। आयोग ने कहा कि यह कहना पूरी तरह गलत है कि पूरी प्रक्रिया को ‘सेंट्रलाइज’ कर दिया गया है।
ECI NET की सुरक्षा: ‘काउंटिंग के दिन 68 लाख बार हैकिंग की कोशिश’
चुनाव आयोग ने अपने मुख्य सॉफ्टवेयर ECI NET के टेक्निकल स्ट्रक्चर और साइबर सिक्योरिटी पर भी आंकड़े साझा किए:
- यूनिक आईडी और पासवर्ड: BLO, AERO, ERO, DEO और CEO जैसे सभी वैधानिक अधिकारी अपने विशेष लॉगिन क्रेडेंशियल के जरिए काम करते हैं। दिल्ली में बैठा ECI का कोई वरिष्ठ अधिकारी भी निचले अधिकारी के कानूनी काम को टेकओवर नहीं कर सकता।
- साइबर हमलों का जवाब: आयोग ने खुलासा किया कि इस साल (2026) हुए विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों की मतगणना (Counting Day) के दिन ECI NET को हैक करने की 68 लाख से अधिक बार कोशिशें की गईं, जिन्हें सुरक्षा प्रणालियों ने नाकाम कर दिया।
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