‘राहुल की राजनीतिक समझ शून्य, SP के दम पर जीतते हैं अपनी सीट’: राहुल गांधी के आरोपों पर BJP का तीखा पलटवार

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भी तुरंत प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जोरदार पलटवार किया है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें ‘राजनीतिक प्रपंच शिरोमणि’ करार दिया और कहा कि राहुल गांधी की राजनीतिक समझ पूरी तरह शून्य है।

‘अमेठी और रायबरेली भी SP के बिना नहीं जीत सकते’

सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के ‘एंटी-इंकंबेंसी’ और चुनावी नतीजों वाले बयानों पर तंज कसते हुए कहा:

  • सहयोगियों के भरोसे जीत: राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अपने दम पर अपनी खानदानी सीटें भी नहीं बचा सकते। यूपी में अमेठी और रायबरेली की सीटें वे केवल समाजवादी पार्टी (SP) के समर्थन के दम पर जीत पाते हैं, जबकि वायनाड में मुस्लिम लीग के सहारे चुनाव जीतते हैं।
  • कांग्रेस का गिरता जनाधार: 1977 के बाद से पश्चिम बंगाल, 1989 के बाद से उत्तर प्रदेश और 1990 के बाद से बिहार में कांग्रेस कभी अपने दम पर सत्ता में नहीं लौट पाई है। ओडिशा में भी 1999 के बाद से कांग्रेस की सरकार नहीं बनी है।
  • असली एंटी-इंकंबेंसी गांधी परिवार के अंदर: त्रिवेदी ने कहा कि देश में नहीं, बल्कि असली ‘एंटी-इंकंबेंसी’ (जनाक्रोश) खुद गांधी परिवार और कांग्रेस पार्टी के अंदर व्याप्त है।

‘जब बूथ कैप्चरिंग और गोलियां चलती थीं, तब एंटी-इंकंबेंसी नहीं दिखती थी’

राहुल गांधी के इस सवाल पर कि ‘बीजेपी के खिलाफ एंटी-इंकंबेंसी क्यों नहीं होती’, भाजपा प्रवक्ता ने कड़ा जवाब दिया:

“जिस जमाने में देश में चुनावों के दौरान खुलेआम बूथ कैप्चरिंग होती थी और गोलियां चलती थीं, तब तक कांग्रेस को अपने खिलाफ कभी एंटी-इंकंबेंसी नजर नहीं आती थी। लेकिन जब से सीसीटीवी कैमरे, निष्पक्ष प्रणाली और ईवीएम का मजबूत सिस्टम लागू हुआ है, तब से कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ रहा है और वे चुनावी प्रक्रियाओं पर सवाल उठा रहे हैं।”

मीडिया रिपोर्ट के आधार पर राजनीति करने का आरोप

बीजेपी प्रवक्ता ने राहुल गांधी की पीपीटी (PowerPoint Presentation) पर चुटकी लेते हुए कहा कि राहुल गांधी बिना किसी पुख्ता कोट या सबूत के सिर्फ सूत्रों पर आधारित मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर पीपीटी लेकर आ जाते हैं। त्रिवेदी ने तंज कसा कि केवल सफेद और पकी दाढ़ी रख लेने से कोई राजनीति का ज्ञानी या युवा नेता नहीं बन जाता; राहुल गांधी को भारतीय राजनीति का बुनियादी ज्ञान भी नहीं है।

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