‘भोपाल मास्टर प्लान-2047’ का प्रारूप प्रकाशित: जानें कैसी होगी मध्य प्रदेश की भावी ‘लेक सिटी’

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने भोपाल के बहुप्रतीक्षित विकास मॉडल ‘भोपाल विकास योजना-2047’ (Bhopal Master Plan 2047) का प्रारूप (ड्राफ्ट) आधिकारिक रूप से प्रकाशित कर दिया है। लगभग 1,016.90 वर्ग किलोमीटर के विशाल निवेश क्षेत्र और वर्ष 2047 की 45 लाख अनुमानित जनसंख्या को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इस प्लान पर सरकार ने नागरिकों से सुझाव व आपत्तियां आमंत्रित की हैं। मास्टर प्लान का मूल उद्देश्य भोजताल (बड़ी झील), वन क्षेत्रों व बाघ भ्रमण क्षेत्रों का पर्यावरण संरक्षण करते हुए भोपाल को एक विश्वस्तरीय, आधुनिक और आर्थिक रूप से समृद्ध महानगर बनाना है।

भोपाल मास्टर प्लान-2047 के 4 मुख्य आधार स्तंभ

  1. प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण: रामसर साइट (भोजताल), पहाड़ियों और बाघों के मूवमेंट एरिया का संरक्षण।
  2. नागरिक हितैषी व आधुनिक नियोजन: सुगम मोबिलिटी, डिजिटल निगरानी और उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर।
  3. परिवर्तनकारी नीतियां: असीमित FAR, मिक्स लैंड यूज (Work & Home) और वर्टिकल डेवलपमेंट।
  4. आत्मनिर्भर व आर्थिक विकास: रोजगार सृजन, आईटी/एआई हब और नया ग्रोथ कॉरिडोर।

मास्टर प्लान 2047 की 10 प्रमुख विशेषताएं

  1. 51 किलोमीटर लंबा ‘ग्रोथ कॉरिडोर’:
    • निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 51 किमी लंबा ग्रोथ कॉरिडोर प्रस्तावित है।
    • इसमें बीआरटीएस (BRTS) का प्रावधान है, जिसे भविष्य में एमआरटीएस (MRTS/मेट्रो) में अपग्रेड किया जाएगा।
    • यह कॉरिडोर विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम और इंदौर मार्गों से जुड़ेगा।
  2. EKAI सिटी और एजुकेशन हब:
    • भौंरी क्षेत्र में एजुकेशन, नॉलेज, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (EKAI City) के विकास की परिकल्पना की गई है।
    • यहां आईटी सेक्टर, डेटा सेंटर, कॉर्पोरेट ऑफिस और यूनिवर्सिटीज विकसित की जाएंगी।
  3. भानपुर खंती पर बनेगा ‘गोल्फ कोर्स’:
    • कचरा निष्पादन के बाद भानपुर खंती क्षेत्र के पुनर्विकास के तहत वहां एक भव्य गोल्फ कोर्स बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
  4. हरियाली 16% से बढ़ाकर 27% करने का लक्ष्य:
    • शहर के कुल हरित क्षेत्र (Green Area) को 16% से बढ़ाकर 27% किया जाएगा।
    • इसके अलावा कॉलोनियों में खुले क्षेत्र (Open Space) का दायरा 10% से बढ़ाकर 12% किया जा रहा है।
    • बाहरी बायपास मार्ग के दोनों ओर 50-50 मीटर भूमि को ‘ग्रीन फील्ड कॉरिडोर’ घोषित किया गया है।
  5. हरित और हेरिटेज TDR का प्रावधान:
    • पर्यावरण और धरोहर संरक्षण में आने वाली निजी भूमियों के स्वामियों की क्षतिपूर्ति के लिए Green TDR और Heritage TDR का नियम लाया गया है।
  6. मिश्रित भूमि उपयोग (Mixed Land Use):
    • आवासीय क्षेत्रों में सड़क की चौड़ाई के आधार पर दुकान और मकान साथ-साथ (Work & Home concept) बनाने की अनुमति होगी।
    • बड़े चौड़े रास्तों पर असीमित एफएआर (FAR) और इमारतों की असीमित ऊंचाई का विकल्प दिया गया है।
  7. कवर-अप नियमों का सरलीकरण:
    • निर्माण में भूतल कवरेज (Ground Coverage) की बाध्यता समाप्त कर दी गई है, जिससे आर्किटेक्चरल डिजाइन का बेहतर विकल्प मिलेगा।
    • 70% रहवासियों की सहमति से RWA पुरानी आवासीय सोसायटियों का पुनर्विकास (Redevelopment) कर सकेंगी।
  8. स्मार्ट ट्रैफिक व पार्किंग समाधान:
    • सार्वजनिक स्थानों के नीचे भूमिगत (Underground) पार्किंग, मल्टीलेवल पार्किंग और फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग स्पेस विकसित किया जाएगा।
    • प्राइवेट सीसीटीवी कैमरों की नेटवर्किंग और सार्वजनिक भवनों की बाउंड्री वॉल पारदर्शी रखने का प्रावधान है।
  9. डिजिटल ट्विन सिटी तकनीक:
    • अवैध निर्माण पर रोक लगाने और शहर के रियल-टाइम पर्यवेक्षण के लिए ‘डिजिटल ट्विन सिटी’ तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
  10. चैरिटेबल संस्थाओं को विशेष छूट:
    • अनाथालय, वृद्धाश्रम, दिव्यांग स्कूल और रैन बसेरों जैसी सामाजिक-चैरिटेबल गतिविधियों को FAR खरीदने की बाध्यता से पूरी तरह मुक्त रखा गया है।

भोपाल: 1995 से 2047 तक का सफर

मानकभोपाल मास्टर प्लान 2005 (वर्ष 1995)भोपाल मास्टर प्लान 2047
निवेश क्षेत्र (Investment Area)601.06 वर्ग किमी1016.90 वर्ग किमी
शामिल गांव (Villages Included)146 ग्राम254 ग्राम
लक्ष्य जनसंख्या (Target Population)~25 लाख45 लाख
हरित क्षेत्र प्रतिशत (Green Area %)~16%~27%

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