बिहार के जमुई जिले में 19 सितंबर को नाबालिग छात्रा और उसके दोस्त के साथ हुई हैवानियत व अभद्रता की घटना पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। सोमवार (21 सितंबर 2026) को सोशल मीडिया पर जारी बयान में संगठन ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार की कानून-व्यवस्था को कठघरे में खड़ा किया है।
‘नारी शक्ति पर भाषण के 4 दिन बाद पोल खुली, क्या यह कल्चरल शॉक नहीं?’
CJP ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (ट्विटर) हैंडल से जारी पोस्ट में प्रधानमंत्री के हालिया भाषणों और बिहार में महिला सुरक्षा के दावों पर कड़ा एतराज जताया:
- नारी शक्ति के दावों पर सवाल: संगठन ने लिखा कि चार दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मंच से “नारी शक्ति” पर लंबा भाषण दिया था, लेकिन जमुई की वीभत्स घटना ने बिहार की प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था के दावों की हवा निकाल दी है।
- प्राथमिकता में नहीं महिला सुरक्षा: CJP ने आरोप लगाया कि राज्य और केंद्र सरकार के लिए महिलाओं व बेटियों की सुरक्षा प्राथमिकता में शामिल नहीं है। संगठन ने तीखा सवाल पूछते हुए कहा— “क्या यह देश के लिए ‘कल्चरल शॉक’ नहीं है?”
JDU नेताओं के ‘छिटपुट घटना’ वाले बयान पर भड़की कांग्रेस
घटना के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी चरम पर पहुंच गई है। सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और मंत्री श्रवण कुमार द्वारा जमुई कांड को ‘छिटपुट घटना’ बताने पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया है:
- सुप्रिया श्रीनेत का पलटवार: कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने JDU नेताओं की असंवेदनशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा, “इन नेताओं को अंदाजा भी है कि वह मासूम बच्ची किस खौफ और दहशत से गुजर रही होगी? ईश्वर न करे, अगर आपकी अपनी किसी जानने वाली बच्ची के साथ ऐसा हुआ होता, तब भी क्या आप इतनी ही बेशर्मी से इसे ‘छिटपुट घटना’ कहते?”
‘बिहार में दिख रहा है जंगलराज, अपराधी बेखौफ’ — चंद्रशेखर आजाद
नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने भी इस घटना को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को टैग करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की:
- वीडियो वायरल करने की निंदा: चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि पीड़िता और उसके मित्र के साथ अभद्रता करने के बाद उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालना मानवता को शर्मसार करने वाला है। यह बिहार में फैले ‘जंगलराज’ का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जहां अपराधियों में कानून का कोई खौफ नहीं बचा है।
- उन्होंने मांग की कि आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की जाए और पीड़ित नाबालिगों की सुरक्षा, निजता व गरिमा सुनिश्चित की जाए।
बिहार पुलिस की सख्त चेतावनी: पहचान उजागर करने पर POCSO और IT एक्ट में होगी जेल
घटना का वीडियो तेजी से प्रसारित होने के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने सोशल मीडिया यूज़र्स के लिए एडवाइजरी जारी की है:
- पहचान छुपाना कानूनी अनिवार्यता: पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पीड़ित नाबालिग की पहचान, फोटो या वीडियो को शेयर या फॉरवर्ड करना उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाना है।
- होगा दंडात्मक अपराध: बिहार पुलिस के अनुसार, पॉक्सो एक्ट (POCSO Act), आईटी एक्ट (IT Act) और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJ Act) के तहत पीड़िता की पहचान उजागर करना गंभीर दंडनीय अपराध है। वीडियो शेयर करने वाले अकाउंट्स पर साइबर सेल द्वारा निगरानी रखी जा रही है और उन पर कड़ी एफआईआर दर्ज की जाएगी।
प्रांशु विश्वकर्मा मध्य प्रदेश के सतना जिले के युवा ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर, कंटेंट राइटर हैं। पिछले 4 वर्षों से वे क्षेत्रीय डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। बिजनेस, रोजगार, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रभावशाली अंदाज़ में प्रस्तुत करने के साथ-साथ वे प्रोफेशनल न्यूज़ ग्राफिक्स, वीडियो एडिटिंग और सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। वे Satna Times, Udghosh Samay News, Prabha Superfast, state break News जैसे डिजिटल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े रहे हैं।
