उत्तर प्रदेश की महोबा पुलिस ने अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक और मानवीय संवेदनाओं की अनूठी मिसाल पेश की है। सैकड़ों किलोमीटर दूर झारखंड से भटककर महोबा पहुंची एक मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को महोबा पुलिस ने एआई की मदद से पहचान कर सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। 20 सितंबर से लापता और अपना नाम-पता बताने में असमर्थ इस महिला की पहचान एआई द्वारा उसके टूटे-फूटे शब्दों के सटीक विश्लेषण के जरिए संभव हो सकी।

सड़क पर लावारिस मिली थी महिला, भाषा और पते की थी चुनौती
घटनाक्रम की शुरुआत 20 सितंबर 2026 को हुई:
- ग्राम बल्लायं में मिली लावारिस महिला: महोबा जिले के थाना खरेला क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बल्लायं में एक अज्ञात महिला के अकेले भटकने की सूचना पीआरवी (PRV) को मिली।
- वन स्टॉप सेंटर में कराया गया सुरक्षित दाखिल: सूचना मिलते ही थाना प्रभारी खरेला और मिशन शक्ति की टीम मौके पर पहुंची। महिला के पास न तो कोई पहचान पत्र था और न ही मोबाइल। मानसिक रूप से असहज होने के कारण वह अपना नाम-पता स्पष्ट नहीं बता पा रही थी।
- उप-निरीक्षक शिवांगी गुप्ता ने संभाली कमान: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वन स्टॉप सेंटर प्रभारी उप-निरीक्षक शिवांगी गुप्ता ने जिम्मेदारी संभाली।
एआई (AI) तकनीक ने ऐसे सुलझाई पहेली
महिला द्वारा अपनी स्थानीय बोली में बोले जा रहे अस्पष्ट और टूटे-फूटे शब्दों को उप-निरीक्षक शिवांगी गुप्ता ने ध्यान से दर्ज किया। इसके बाद आधुनिक AI टूल्स और लैंग्वेज एनालिसिस मॉडल्स का सहारा लेकर उन शब्दों और संभावित क्षेत्रों का तकनीकी विश्लेषण किया गया:
- सटीक पहचान हुई उजागर: एआई विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि महिला झारखंड राज्य से संबंध रखती है। उसकी पहचान हीरा तोपनो (पत्नी रम्भा तोपनो) के रूप में हुई।
- स्थानीय पुलिस से साधा गया संपर्क: पहचान मिलते ही महोबा पुलिस ने झारखंड की संबंधित स्थानीय पुलिस से संपर्क कर परिजनों की तलाश शुरू की।
कानूनी प्रक्रिया पूरी कर महिला परिजनों के सुपुर्द
झारखंड से परिजनों के महोबा पहुंचने पर पुलिस ने सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और हीरा तोपनो को उनके परिवार को सौंप दिया। महोबा पुलिस ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए परिजनों के सुरक्षित आवागमन की भी व्यवस्था की।
अपनों से बिछड़ी महिला के सकुशल मिल जाने पर परिजनों ने महोबा पुलिस और उप-निरीक्षक शिवांगी गुप्ता का सहृदय आभार व्यक्त किया। एआई तकनीक और पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की हर तरफ सराहना हो रही है।
प्रांशु विश्वकर्मा मध्य प्रदेश के सतना जिले के युवा ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर, कंटेंट राइटर हैं। पिछले 4 वर्षों से वे क्षेत्रीय डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। बिजनेस, रोजगार, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रभावशाली अंदाज़ में प्रस्तुत करने के साथ-साथ वे प्रोफेशनल न्यूज़ ग्राफिक्स, वीडियो एडिटिंग और सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। वे Satna Times, Udghosh Samay News, Prabha Superfast, state break News जैसे डिजिटल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े रहे हैं।
