मैहर निवासी दीपांजलि साकेत की सतना जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात समेत मौत। परिजनों ने गलत इंजेक्शन और लापरवाही का आरोप लगाया, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार।

सतना/मैहर: रीवा के बाद अब विंध्य अंचल में प्रसूता की मौत का एक और दुखद मामला सामने आया है। मैहर जिले के भदनपुर निवासी 20 वर्षीय प्रसूता दीपांजलि साकेत और उनके नवजात बच्चे की सतना जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही तथा गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम सिटी (SDM City) राहुल सिलाडिया ने जिला अस्पताल पहुंचकर सिविल सर्जन से पूरी जानकारी ली, वहीं डॉक्टरों के पैनल द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।

1. 16 सितंबर को मैहर से सतना रेफर हुई थी प्रसूता

अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार:

  • भर्ती की प्रक्रिया: भदनपुर निवासी दीपांजलि साकेत को पहली डिलीवरी के लिए 16 सितंबर की रात सिविल अस्पताल मैहर से सतना जिला अस्पताल रेफर किया गया था। 17 सितंबर की दोपहर 2:17 बजे उन्हें प्रसूता वार्ड में भर्ती किया गया।
  • मृत बच्चे का जन्म: 18 सितंबर की रात करीब 11:20 बजे सीनियर रेजिडेंट डॉ. स्वाति की निगरानी में लेबर रूम में प्रसव कराया गया, लेकिन दीपांजलि ने मृत बच्चे (Stillborn) को जन्म दिया।

2. परिजनों का आरोप: उल्टी होने पर लगाया इंजेक्शन, फिर तेजी से बिगड़ी हालत

मृतका के पिता राजकुमार साकेत का आरोप है कि प्रसव प्रक्रिया के दौरान दीपांजलि को उल्टी हुई थी, जिसके बाद ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने उसे एक इंजेक्शन लगाया:

  • अचानक बढ़ा दर्द: परिजनों का कहना है कि इंजेक्शन लगते ही दीपांजलि को तेज दर्द शुरू हुआ और उसकी हालत अचानक बिगड़ने लगी।
  • वेंटिलेटर पर तोड़ा दम: प्रसव के तुरंत बाद दीपांजलि का ब्लड प्रेशर तेजी से गिरा और सांस लेने में गंभीर तकलीफ होने लगी। उन्हें आनन-फानन में हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU) में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, लेकिन रात करीब 11:30 बजे उनकी मृत्यु हो गई।

3. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह

अस्पताल प्रशासन और गायनिक विभाग की एचओडी डॉ. मंजू सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही मृतका की पूरी केस हिस्ट्री और मेडिकल फाइल जुटाई जा रही है।

“प्रसूता की हालत प्रसव के बाद अचानक गंभीर हुई थी, जिसके बाद उन्हें एचडीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया था। पूरे मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Post-Mortem Report) आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का पता चल सकेगा।”

डॉ. मंजू सिंह, एचओडी (गायनिक विभाग, सतना जिला अस्पताल)

घटना का घटनाक्रम (Timeline)

तिथि / समयघटनाक्रम
16 सितंबर (रात)मैहर सिविल अस्पताल से सतना जिला अस्पताल के लिए रेफर
17 सितंबर (दोपहर 2:17 बजे)सतना जिला अस्पताल के प्रसूता वार्ड में औपचारिक भर्ती
18 सितंबर (रात 11:20 बजे)लेबर रूम में मृत नवजात का जन्म; प्रसूता का बीपी गिरा
18 सितंबर (रात 11:30 बजे)HDU में वेंटिलेटर सपोर्ट के दौरान प्रसूता की मौत
19 सितंबर (दोपहर)डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम एवं प्रशासनिक जांच शुरू

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

रीवा और सतना जिले के अस्पतालों में लगातार सामने आ रहे जच्चा-बच्चा की मौत के मामलों से विंध्य क्षेत्र की सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन प्रसूति देखभाल (Emergency Obstetric Care) पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने दोषी स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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