मैहर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 21 (उमरी) में बुनियादी सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक उपेक्षा की एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। श्मशान घाट तक सुगम रास्ता न होने और मूलभूत सुविधाओं की कमी से आक्रोशित स्थानीय निवासियों और भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने गुरुवार दोपहर सड़क पर शव रखकर जोरदार प्रदर्शन किया। सड़क जाम और प्रदर्शन की खबर मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।

मौके पर पहुंचे मैहर कोतवाली टीआई अभिषेक सिंह परिहार और नायब तहसीलदार लालमणि सतनामी की समझाइश और आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शन समाप्त किया।
क्या है पूरा मामला? जानिए क्यों सड़क पर उतरने को मजबूर हुए परिजन
जानकारी के अनुसार, उमरी निवासी वर्षा चौधरी (पति दीपक चौधरी) का असमय निधन हो गया था:
- रास्ते में घनी झाड़ियां और असुविधा: परिजन जब अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाने लगे, तो श्मशान घाट तक पहुंचने का कोई पक्का या साफ रास्ता नहीं मिला। रास्ते में उगी घनी झाड़ियों और कीचड़ के कारण लोगों को शव ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

- सुविधाओं का अभाव: भीम आर्मी कार्यकर्ता विक्रम सूर्यवंशी और स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि श्मशान स्थल पर न तो बैठने व छाया के लिए टीन शेड है और न ही पानी या अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
- सड़क पर रखा शव: प्रशासनिक अनदेखी से नाराज परिजनों और नागरिकों ने वर्षा चौधरी का शव सड़क पर रखकर यातायात बाधित कर दिया और नारेबाजी शुरू कर दी।
ज्ञापन में सीमांकन और अतिक्रमण हटाने की मांग
प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे नायब तहसीलदार लालमणि सतनामी को ग्रामीणों ने जिलाधिकारी (कलेक्टर) मैहर के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रमुख मांगें रखी गईं:
- श्मशान घाट के लिए स्थायी और पक्के रास्ते का निर्माण कराया जाए।
- श्मशान घाट की भूमि का तत्काल सीमांकन (Demarcation) कराकर कथित अवैध कब्जों को हटाया जाए।
- शवदाह स्थल पर टीन शेड, चबूतरा और पानी की मूलभूत सुविधाएं स्वीकृत की जाएं।
प्रशासनिक रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं है स्थायी श्मशान घाट
मामले पर नायब तहसीलदार लालमणि सतनामी ने बताया:
- तत्काल कराई सफाई: पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में जेसीबी और कर्मचारियों की मदद से रास्ते की झाड़ियों को तत्काल साफ कराकर अंतिम संस्कार का मार्ग सुगम कराया गया।
- सरकारी रिकॉर्ड का खुलासा: नायब तहसीलदार ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि राजस्व रिकॉर्ड की जांच में उमरी के उस स्थल पर कोई स्थायी श्मशान घाट दर्ज नहीं पाया गया है। स्थानीय लोग वर्षों से तालाब के किनारे मेड़ पर ही अंतिम संस्कार करते आ रहे हैं।
- शेड निर्माण का आश्वासन: प्रशासन ने नागरिकों से विधिवत श्मशान घाट भूमि आवंटन और टीन शेड निर्माण के लिए आवेदन प्रस्तुत करने को कहा है, जिस पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक आश्वासन के बाद परिजनों ने प्रदर्शन खत्म किया और महिला के शव का अंतिम संस्कार संपन्न कराया।
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