बिजनेस डेस्क भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के बैंकिंग सिस्टम में मौजूद अतिरिक्त नकदी (सरप्लस लिक्विडिटी) को खींचने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 9 साल के लंबे अंतराल के बाद केंद्रीय बैंक ने ‘ओपन मार्केट ऑपरेशंस’ (OMO) के तहत खुले बाजार में करीब ₹50,000 करोड़ मूल्य के सरकारी बॉन्ड बेचे हैं। 17 सितंबर को पूरे हुए इस पहले चरण के बाद RBI आने वाले हफ्तों में फिर से बॉन्ड बिक्री की योजना बना रहा है, ताकि बाजार में लिक्विडिटी को संतुलित किया जा सके।

क्यों उठाया गया यह कदम?
बैंकिंग सिस्टम में 6 सितंबर को अतिरिक्त नकदी का स्तर रिकॉर्ड ₹11.6 लाख करोड़ पर पहुंच गया था। हालांकि इसमें गिरावट आई है, लेकिन यह अभी भी ₹7.4 लाख करोड़ के उच्च स्तर पर बनी हुई है।
नकदी निकालने की मुख्य वजहें:
- लोन की दरों पर सीधा असर: बैंकों के पास ज्यादा पैसा होने पर वे RBI से कर्ज नहीं लेते, जिससे नीतिगत ब्याज दरों (Repo Rate) में बदलाव का असर आम जनता के लोन पर देरी से पड़ता है।
- ब्याज दर बढ़ाने की तैयारी: अक्टूबर में होने वाली RBI की मौद्रिक नीति समीक्षा (MPC) बैठक में रेपो रेट में 0.25% (25 बेसिस प्वाइंट) की बढ़ोतरी के आसार हैं। RBI चाहता है कि ब्याज दर बढ़ते ही बैंकों की लोन दरें भी तुरंत प्रभावी हों।
OMO नीलामी का पूरा गणित और भविष्य का प्लान
- मैच्योरिटी अवधि: केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2029 से 2032 के बीच मैच्योर (परिपक्व) होने वाले सरकारी बॉन्ड बाजार में उतारे हैं।
- बाजार की मांग: नीलामी के दौरान निवेशकों की तरफ से काफी अच्छी मांग देखी गई और यह बिक्री बाजार के अनुमान से थोड़ी अधिक यील्ड (ब्याज दर) पर पूरी हुई।
- अगली योजना: RBI आने वाले दो हफ्तों में ₹2,500-₹2,500 करोड़ के अतिरिक्त बॉन्ड बेचने की तैयारी में है।
- कुल लक्ष्य: ‘ICICI सिक्योरिटीज प्राइमरी डीलरशिप’ के अनुसार, RBI बॉन्ड बिक्री के माध्यम से बैंकिंग प्रणाली से कुल मिलाकर लगभग ₹2 लाख करोड़ की अतिरिक्त नकदी बाहर निकाल सकता है।
प्रांशु विश्वकर्मा मध्य प्रदेश के सतना जिले के युवा ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर, कंटेंट राइटर हैं। पिछले 4 वर्षों से वे क्षेत्रीय डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। बिजनेस, रोजगार, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रभावशाली अंदाज़ में प्रस्तुत करने के साथ-साथ वे प्रोफेशनल न्यूज़ ग्राफिक्स, वीडियो एडिटिंग और सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। वे Satna Times, Udghosh Samay News, Prabha Superfast, state break News जैसे डिजिटल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े रहे हैं।
