रीवा जिले के मलकपुर (कठौतिया टोला) में करंट लगने से साथी हाथी की दुखद मौत के बाद अकेले बचे और आक्रोशित हाथी ‘भरत’ को सुरक्षित पकड़ने के लिए वन विभाग ने बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। भरत को काबू में करने और आबादी वाले क्षेत्रों से दूर सुरक्षित स्थान पर भेजने के लिए मध्य प्रदेश के दो प्रमुख टाइगर रिजर्व से 4 प्रशिक्षित (कूमकी) हाथियों की विशेष टीम को मैदान में उतारा गया है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से रामा और सूर्या के बाद अब संजय टाइगर रिजर्व से चित्रा और बापू को भी मौके पर बुला लिया गया है। मंगलवार सुबह इन चारों ट्रेंड हाथियों की मदद से भरत को घेरकर ट्रेंकुलाइज (बेहोश) करने का प्रयास किया जाएगा।

करंट लगने से हुई थी साथी हाथी की मौत, भटक रहा है भरत
रीवा, मऊगंज और सीधी जिलों के सीमावर्ती जंगलों में पिछले करीब सात महीनों से हाथियों का एक जोड़ा स्वच्छंद विचरण कर रहा था।
- बिजली तार की चपेट में आया साथी: शनिवार तड़के मलकपुर के कठौतिया टोला में पेड़ की पत्तियां खाते समय एक हाथी नीचे लटक रहे हाई-वोल्टेज बिजली के तार के संपर्क में आ गया, जिससे करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
- घटनास्थल के चक्कर लगा रहा भरत: अपने साथी की मौत के बाद से ही दूसरा हाथी ‘भरत’ बेहद विचलित और आक्रामक स्थिति में है। वह बार-बार घटनास्थल के आसपास के जंगलों में पहुंच रहा है। सोमवार को भरत वन विभाग के रेस्क्यू कैंप के काफी करीब आ गया था, लेकिन रामा और सूर्या को देखकर वापस जंगल में पीछे हट गया।
कॉलर आईडी से लोकेशन ट्रेस, 4 कूमकी हाथियों से होगी घेराबंदी
हाथी भरत के गले में रेडियो कॉलर (Satellite Collar) लगा हुआ है, जिसकी मदद से वन विभाग और वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स की टीम लगातार उसकी हर गतिविधि और लोकेशन पर 24 घंटे नजर रख रही है।
- घेराबंदी की योजना: मंगलवार (22 सितंबर 2026) की सुबह रामा, सूर्या, चित्रा और बापू—इन चारों ट्रेंड हाथियों के साथ वन अधिकारियों, पशु डॉक्टरों (Veterinary Doctors) और ट्रैकुलाइजेशन विशेषज्ञों की टीम घने जंगलों में उतरेगी।
- रणनीति: चारों तरफ से कूमकी हाथियों की मदद से भरत को घेरकर उसे सुरक्षित तरीके से ट्रेंकुलाइज किया जाएगा, ताकि उसे किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। इसके बाद उसे किसी नेशनल पार्क या सुरक्षित वन्यजीव अभयारण्य में शिफ्ट किया जाएगा।
आम जनता की सुरक्षा पहली प्राथमिकता: CCF राजेश राय
रीवा वृत्त के मुख्य वन संरक्षक (CCF) राजेश राय ने बताया कि हाथी भरत को सुरक्षित पकड़ने के लिए वन विभाग की कई टीमें लगातार फील्ड में काम कर रही हैं। आसपास के ग्रामीण इलाकों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने और जंगल की तरफ न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। उन्होंने कहा कि आम जनता की सुरक्षा और हाथी के सुरक्षित रेस्क्यू को प्राथमिकता पर रखते हुए मंगलवार को रेस्क्यू ऑपरेशन को अंतिम रूप देने की पूरी संभावना है।
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