सतना: उफनती तुर्री नदी के पुल पर स्टंट पड़ा भारी, बाइक समेत बहे चाचा-भतीजा; ग्रामीणों ने भतीजे को बचाया, चाचा की तलाश में SDRF जुटी

मध्य प्रदेश के सतना जिले में जारी मूसलाधार बारिश के बीच शनिवार शाम जैतवारा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। उफनती तुर्री नदी का जलस्तर पुल के ऊपर होने के बावजूद उसे पार करने की कोशिश में चाचा-भतीजा बाइक समेत नदी के तेज बहाव में फंसकर बह गए। स्थानीय ग्रामीणों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए भतीजे को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन 50 वर्षीय रामचेरे वर्मा पानी के तेज प्रवाह में बह गए। एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय पुलिस की टीम रविवार सुबह से ही नदी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर लापता व्यक्ति की तलाश में जुटी हुई है।

ग्रामीणों की चेतावनी को किया नजरअंदाज

घटना शनिवार शाम करीब 6 बजे की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार:

  • पुल के ऊपर बह रहा था पानी: नयागांव-सभापुर मार्ग पर स्थित तुर्री नदी में बारिश के कारण उफान आया हुआ था और पानी पुल के काफी ऊपर से तेज रफ्तार में बह रहा था।
  • मना करने के बाद भी बढ़ाया कदम: मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने जोखिम को देखते हुए रामचेरे वर्मा और उनके भतीजे को पुल पार न करने की सख्त सलाह दी थी। इसके बावजूद दोनों बाइक लेकर आगे बढ़ गए।
  • बिगड़ा संतुलन: पुल के बीचों-बीच पहुंचते ही पानी के भारी दबाव से बाइक का संतुलन बिगड़ गया और दोनों बाइक सहित नदी में समा गए। ग्रामीणों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए भतीजे को तो बचा लिया, लेकिन रामचेरे वर्मा गहरे पानी में बह गए।

अंधेरा बना बाधा, रविवार सुबह शुरू हुआ SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही जैतवारा थाना प्रभारी पंकज शुक्ला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि, शनिवार देर रात तेज बारिश, खराब मौसम और अंधेरे के कारण नदी में तुरंत सर्च अभियान शुरू करना संभव नहीं हो सका।

  • एसडीआरएफ की मोटरबोट से गश्त: रविवार तड़के से एसडीआरएफ की विशेष टीम नावों और गोताखोरों के साथ तुर्री नदी में उतरी। नदी के तटीय इलाकों और संभावित स्थानों पर रामचेरे वर्मा की तलाश जारी है।
  • प्रशासनिक अधिकारी मौजूद: रेस्क्यू स्थल पर एसडीएम लोकेश कुमार जांगड़े खुद मौजूद रहकर सर्च ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। ग्रामीण भी पुलिस और बचाव दल की मदद में जुटे हुए हैं।

प्रशासन की नागरिकों से अपील

एसडीएम लोकेश कुमार जांगड़े ने बताया कि बारिश के कारण नदी का जलस्तर और बहाव काफी तेज है, जिससे रेस्क्यू टीम को मशक्कत करनी पड़ रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि तेज बारिश के दौरान उफनते नालों, रपटों और पुल-पुलियों को पार करने का जोखिम कतई न उठाएं।

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