उमरिया रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर गुरुवार को सवारी बैठाने और मामूली कहासुनी को लेकर टैक्सी ड्राइवरों और कॉलेज छात्रों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और ड्राइवरों के समूह ने एकजुट होकर छात्रों के साथ मारपीट कर दी। इस घटना में कई छात्रों को चोटें आई हैं। मारपीट से डरे-सहमे छात्र तुरंत स्टेशन परिसर में भागे, जहां महिला रेलकर्मी की मदद से मामले की शिकायत जीआरपी/आरपीएफ पुलिस थाने में दर्ज कराई गई है।

धक्का लगने पर गाली-गलौज से शुरू हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहडोल जिले से कई छात्र रोजाना ट्रेन के जरिए उमरिया आकर स्थानीय कॉलेजों में पढ़ाई करते हैं:
- यात्रियों की होड़ में कहासुनी: रोजाना की तरह छात्र उमरिया स्टेशन से उतरकर कॉलेज जा रहे थे। इसी दौरान स्टेशन के बाहर खड़े टैक्सी चालकों की भीड़ के बीच कथित तौर पर एक छात्र का धक्का एक टैक्सी ड्राइवर को लग गया।
- विरोध करने पर घिरे छात्र: धक्का लगने से नाराज टैक्सी चालक छात्र के साथ अभद्रता और गाली-गलौज करने लगा। जब छात्रों ने इसका कड़ा विरोध किया, तो आसपास मौजूद अन्य टैक्सी ड्राइवर भी वहां इकट्ठा हो गए और एकजुट होकर छात्रों पर टूट पड़े।
- कॉलेज न जाने देने की धमकी: मारपीट के दौरान कई विद्यार्थियों को हल्की चोटें आईं। पीड़ित छात्रों का आरोप है कि टैक्सी चालकों ने उन्हें रास्ते में घेरकर आगे कॉलेज न जाने देने की धमकियां भी दीं।
प्लेटफॉर्म पर मची अफरा-तफरी, महिला रेलकर्मी ने की मदद
टैक्सी चालकों के हमले से भयभीत छात्र अपनी जान बचाकर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म की ओर भागे:
- महिला रेलकर्मी ने पहुंचाया थाने: प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी पर तैनात एक महिला रेलकर्मी ने डरे हुए छात्रों की आपबीती सुनी और तत्परता दिखाते हुए उन्हें सुरक्षा प्रदान की। इसके बाद महिला कर्मचारी स्वयं छात्रों को लेकर संबंधित रेलवे थाने (GRP/RPF) पहुंचीं।
- पुलिस जांच शुरू: घटना के संबंध में जीआरपी और स्थानीय पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी टैक्सी ड्राइवरों की शिनाख्त की जा रही है।
रेलवे स्टेशन परिसर की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
उमरिया रेलवे स्टेशन के बाहर हुई इस गुंडागर्दी और मारपीट की घटना ने यात्रियों, विशेषकर रोजाना सफर करने वाले स्कूली और कॉलेज के छात्र-छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और परिजनों ने मांग की है कि स्टेशन परिसर के बाहर अवैध रूप से जमावड़ा लगाने वाले और दबंगई करने वाले ऑटो-टैक्सी चालकों पर सख्त कानूनी नकेल कसी जाए।
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