बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद ट्रेनों के जरिए शराब की तस्करी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। हाल ही में दिल्ली से जयनगर जाने वाली 12561 स्वतंत्रता सेनानी सुपरफास्ट एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी (First AC) कोच से 75 लीटर ब्रांडेड विदेशी शराब के साथ पकड़ी गई 25 वर्षीय नेहा झा का मामला लगातार सुर्खियों में है। एक तरफ जहां पुलिस और रेल प्रशासन मामले की परतें उघाड़ने में जुटा है, वहीं सोशल मीडिया पर लड़की को ‘इंटरनेशनल शराब तस्कर’ बताकर ट्रोल किया जा रहा है। इस बीच आरोपी लड़की के बीमार और लाचार पिता का दर्द भी छलक पड़ा है।

ट्रॉली बैग से मिली 75 लीटर विदेशी शराब, अंग्रेजी में रौब जमाती रही युवती
जीआरपी (GRP) और आरपीएफ (RPF) को गुप्त सूचना मिली थी कि स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच में एक युवती भारी मात्रा में शराब लेकर दरभंगा की ओर जा रही है। समस्तीपुर स्टेशन पर जैसे ही ट्रेन रुकी, पुलिस टीम ने फर्स्ट एसी कूपे की तलाशी ली।
जांच के दौरान जब युवती के दो बड़े ट्रॉली सूटकेस खोले गए, तो उसमें से विभिन्न ब्रांड्स की 75 लीटर महंगी विदेशी शराब बरामद हुई। छापेमारी के दौरान आरोपी युवती पुलिस कर्मियों को भ्रमित करने और रौब जमाने के लिए फर्राटेदार अंग्रेजी में बात करती रही, लेकिन पुलिस की सतर्कता के आगे उसकी एक न चली।
बड़ी बहन के देवर के साथ हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने मौके से समस्तीपुर जिले के सिंघिया थाना क्षेत्र स्थित बारी गांव की निवासी नेहा झा (25 वर्ष) और उसके साथ सफर कर रहे उसके सहयोगी ईशान कुमार (31 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। ईशान कुमार हरियाणा के करनाल (पुरुषोत्तम गार्डन) का रहने वाला है और रिश्ते में नेहा की बड़ी बहन का देवर बताया जा रहा है। दोनों को शराबबंदी कानून के तहत जेल भेज दिया गया है।
पिता बोले- “बेटी पर सिर्फ आरोप, सोशल मीडिया पर ट्रायल बंद हो”
मामले के तूल पकड़ने के बाद नेहा झा के पिता पंकज झा ने अपना पक्ष रखते हुए मीडिया के सामने अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी केवल आरोप के आधार पर पकड़ी गई है और अभी मामले की कानूनी जांच चल रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोग मनगढ़ंत कहानियां बनाकर उनकी बेटी को “इंटरनेशनल शराब तस्कर” और माफिया बता रहे हैं, जिससे उनके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा पूरी तरह धूमिल हो रही है। हालांकि, स्थानीय सूत्रों और पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि नेहा के पिता का नाम भी पूर्व में शराब से जुड़े एक मामले में सामने आ चुका है।
दरभंगा के हाई-प्रोफाइल नेटवर्क और डॉक्टरों को सप्लाई का शक
जीआरपी इंस्पेक्टर बीरबल कुमार के अनुसार, नेहा झा की यह पहली आधिकारिक गिरफ्तारी है। हालांकि, जिस तरह से फर्स्ट एसी जैसे महंगे कोच का इस्तेमाल कर ट्रॉली बैग में शराब ले जाई जा रही थी, उससे पुलिस को अंदेशा है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय है।
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि दिल्ली से लाई जा रही यह महंगी और ब्रांडेड विदेशी शराब दरभंगा के हाई-प्रोफाइल लोगों और डॉक्टरों के बीच खपाई जानी थी। पुलिस फिलहाल नेहा और ईशान के कॉल डिटेल्स, व्हाट्सएप चैट और बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज खंगाल रही है, ताकि शराब सप्लाई के मुख्य आकाओं का पता लगाया जा सके।
प्रांशु विश्वकर्मा मध्य प्रदेश के सतना जिले के युवा ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर, कंटेंट राइटर हैं। पिछले 4 वर्षों से वे क्षेत्रीय डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। बिजनेस, रोजगार, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रभावशाली अंदाज़ में प्रस्तुत करने के साथ-साथ वे प्रोफेशनल न्यूज़ ग्राफिक्स, वीडियो एडिटिंग और सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। वे Satna Times, Udghosh Samay News, Prabha Superfast, state break News जैसे डिजिटल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े रहे हैं।
