चुनाव आयोग के मुद्दे पर मैदान में उतरे BJP के 12 मुख्यमंत्री: ‘राहुल गांधी का दिमाग चोरी हो गया, हार की नाकामी छिपा रहा विपक्ष’

नई दिल्ली चुनाव आयोग (ECI) की निष्पक्षता और मतदाता सूची रीविजन (SIR) प्रक्रिया पर विपक्ष और राहुल गांधी द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अपना लिया है। रविवार (27 सितंबर 2026) को देश के 12 राज्यों के मुख्यमंत्रियों, उप-मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस और ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन पर तीखा हमला बोला। भाजपा नेताओं ने सर्वसम्मति से कहा कि अपनी लगातार चुनावी हार से हताश होकर विपक्ष देश की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने और भ्रम फैलाने का काम कर रहा है।

‘नाकामी छिपाने के लिए मनगढ़ंत आरोप’: जानें किस मुख्यमंत्री ने क्या कहा

  1. देवेंद्र फडणवीस (मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र):
    • “कोई वोट नहीं चुराया गया है, बल्कि राहुल गांधी का दिमाग चुरा लिया गया है। वे संविधान की आड़ में संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं।”
  2. डॉ. मोहन यादव (मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश):
    • “राहुल गांधी से न तो अपनी पार्टी संभल रही है और न ही अपना कुनबा। वे अब जनता के बीच केवल झूठ और भ्रम फैलाने में लगे हैं।”
  3. योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश):
    • “विपक्षी दलों ने SIR प्रक्रिया को लेकर जानबूझकर भ्रम फैलाया है। इसके लिए कांग्रेस और उसके सहयोगियों को देश की जनता से तुरंत माफी मांगनी चाहिए।”
  4. हिमंत बिस्वा शर्मा (मुख्यमंत्री, असम):
    • “इंडी गठबंधन अब सिर्फ हारे हुए लोगों का एक समूह बनकर रह गया है, जिन्हें जनता बार-बार नकार चुकी है।”
  5. विष्णु देव साय (मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़):
    • “100 से अधिक चुनाव हार चुकी हताश कांग्रेस अब राष्ट्रविरोधी आचरण पर उतर आई है। चुनाव आयोग की संयुक्त वार्ता ने उनके झूठ की पोल खोल दी है।”
  6. भजनलाल शर्मा (मुख्यमंत्री, राजस्थान):
    • “विपक्ष अपनी पराजय छिपाने के लिए संवैधानिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठा रहा है। आरोप लगाने से पहले तथ्यों की जांच क्यों नहीं की गई?”
  7. पुष्कर सिंह धामी (मुख्यमंत्री, उत्तराखंड):
    • “लोकतंत्र में सवाल पूछना ठीक है, लेकिन किसी आंतरिक चर्चा के नोट को अंतिम निर्णय बताकर स्वायत्त संस्थाओं को बदनाम करना पूरी तरह गलत है।”
  8. नायब सिंह सैनी (मुख्यमंत्री, हरियाणा):
    • “विपक्ष के पास अब केवल एक ही एजेंडा बचा है—पीएम मोदी को गाली देना और संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करना।”
  9. भूपेंद्र पटेल (मुख्यमंत्री, गुजरात):
    • “जब वे चुनाव जीतते हैं तो लोकतंत्र की जीत बताते हैं, लेकिन जब जनादेश भाजपा को मिलता है, तो वोट चोरी का झूठा राग अलापने लगते हैं।”
  10. रेखा गुप्ता (मुख्यमंत्री, दिल्ली):
    • “विपक्ष देश के विकास कार्यों से ध्यान भटकाने के लिए आधारहीन स्थिति पैदा कर रहा है।”
  11. सम्राट चौधरी (मुख्यमंत्री/उप-मुख्यमंत्री, बिहार):
    • “मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है। देश में अब बूथ कैप्चरिंग का दौर खत्म हो चुका है।”
  12. शुभेंदु अधिकारी (पश्चिम बंगाल):
    • “कांग्रेस केरल में SIR का समर्थन करती है, लेकिन जहां चुनाव हारती है, वहां इसका विरोध शुरू कर देती है।”

गैर-भाजपा शासित राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों ने संभाला मोर्चा

जहां भाजपा की सरकारें नहीं हैं, वहां संगठन के प्रमुख नेताओं ने मोर्चा संभाला:

  • कर्नाटक: विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक और चलवाड़ी नारायणस्वामी ने मोर्चा खोला।
  • केरल: प्रदेश भाजपा महासचिव अनूप एंटनी ने कहा कि केरल कांग्रेस के बड़े नेता SIR को सही ठहरा रहे हैं, जबकि राहुल गांधी झूठा प्रचार कर रहे हैं।
  • तेलंगाना व अन्य: केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने हैदराबाद में, जबकि हिमाचल प्रदेश में राजीव बिंदल और झारखंड में आदित्य साहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी को कठघरे में खड़ा किया।

भाजपा नेताओं ने एकजुट होकर कड़ा संदेश दिया है कि चुनाव आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है और इसके खिलाफ बेबुनियाद बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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