कटनी में सरकारी योजना पर उठे सवाल: छात्रों को बांटी गईं फ्री साइकिलें 1 महीने में ली गईं वापस, शिक्षा विभाग ने दिए जांच के आदेश

मध्य प्रदेश के कटनी जिले से एक अजीबोगरीब और प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है। ढीमरखेड़ा क्षेत्र में शासकीय योजना के तहत स्कूली छात्र-छात्राओं को वितरित की गई ‘मुफ्त साइकिलें’ महज एक महीने बाद ही वापस जमा करवा ली गईं। इस प्रशासनिक अड़ंगे और मनमाने रवैये से दूर-दराज से स्कूल आने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

महमगवां के छात्रों से छीनी गई साइकिलें: ‘अपात्र’ बताकर वापस लीं

पूरा मामला कटनी जिले के ढीमरखेड़ा जनपद अंतर्गत महमगवां गांव का है:

  • 2 किलोमीटर पैदल दूरी: महमगवां गांव के छात्र-छात्राएं शासकीय हाई स्कूल पड़रभटा में अध्ययनरत हैं, जो उनके घर से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
  • जुलाई में बांटी, अगस्त में छीनी: शासन की ‘निःशुल्क साइकिल वितरण योजना’ के तहत छात्रों को जुलाई माह में साइकिलें वितरित की गई थीं। लेकिन महज एक महीने बाद अगस्त में स्कूल के प्राचार्य (प्रिंसिपल) ने यह कहकर सभी साइकिलें वापस जमा करवा लीं कि वे इस योजना के लिए ‘अपात्र’ हैं।
  • छात्रों का तीखा सवाल: अचानक साइकिलें छीने जाने से दुखी छात्रों का कहना है कि जब वे योजना के मापदंडों में अपात्र थे, तो फिर उन्हें भव्य कार्यक्रम कर साइकिलें वितरित ही क्यों की गईं?

छात्रों की मांग: जांच कर दोबारा दिलाई जाए साइकिल

साइकिलें वापस लिए जाने के बाद से छात्र-छात्राओं को रोजाना दो किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाना पड़ रहा है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। आक्रोशित विद्यार्थियों ने प्रशासन से मांग की है कि वितरण और वापसी की इस पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पात्र विद्यार्थियों को तुरंत साइकिलें वापस लौटाई जाएं।

जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) का बयान: जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी

मामला मीडिया में आने और तूल पकड़ने के बाद जिला शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है।

कटनी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सच्चिदानंद पांडे का बयान:

“ढीमरखेड़ा क्षेत्र के स्कूल में साइकिल वितरण और पुनः वापसी का मामला संज्ञान में आया है। पूरे मामले की बिंदुवार जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और लापरवाही सामने आएगी, उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई और जिम्मेदारी तय की जाएगी।”

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