मारा गया पाकिस्तानी आतंकी मूसा, सुरक्षाबलों ने कश्मीर में आधी रात को किया ढेर

जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षाबलों को आतंकवाद के खिलाफ अभियान में एक और बड़ी सफलता मिली है। यूसमर्ग के गुरुवटकलन (कोराग) इलाके में देर रात हुई भीषण मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े पाकिस्तानी आतंकवादी मूसा को मार गिराया।

खुफिया इनपुट पर देर रात संयुक्त ऑपरेशन

जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना की 54 RR/चिनार कोर और CRPF की संयुक्त टीम को गुरुवटकलन इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सटीक खुफिया जानकारी मिली थी।

  • घेराबंदी और तलाशी अभियान: इनपुट के आधार पर सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
  • फायरिंग और मुठभेड़: जैसे ही सुरक्षाबल संदिग्ध स्थान के करीब पहुंचे, छिपे हुए आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में आतंकी मूसा ढेर हो गया।
  • चिनार कोर का बयान: सेना की श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पुष्टि करते हुए बताया कि सतर्क जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखकर आतंकियों को ललकारा था, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हुई।

मारे गए ‘हाई-वैल्यू’ आतंकी यासिर का करीबी था मूसा

सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, मूसा लश्कर-ए-तैयबा के उस खूंखार आतंकी यासिर का मुख्य सहयोगी था, जिसे इसी महीने 4 सितंबर को 13 दिनों तक चले लंबे ऑपरेशन के बाद यूसमर्ग के पहाड़ी इलाकों में ढेर किया गया था।

  • यासिर का आपराधिक रिकॉर्ड: यासिर भारतीय वायुसेना (IAF) के काफिले पर पुंछ में हुए हमले के अलावा सोनमर्ग, बोटा पाथरी और भट्टा डुरियन में हुए कई बड़े आतंकी हमलों में शामिल ‘हाई-वैल्यू टारगेट’ था।
  • सघन तलाशी अभियान: यासिर के मारे जाने के बाद से ही सुरक्षाबल पीर पंजाल के घने जंगलों में उसके बाकी साथियों की तलाश कर रहे थे, जिसके परिणामस्वरूप मूसा का सुराग मिला।

इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी

मुठभेड़ स्थल और आसपास के जंगलों में अन्य संभावित आतंकियों की मौजूदगी की आशंका को देखते हुए सुरक्षाबलों का कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) जारी है। घाटी में हालिया सफलताओं से लश्कर के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

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