मध्य प्रदेश की पवित्र धार्मिक नगरी उज्जैन में आगामी सिंहस्थ कुंभ मेला 2028 की तैयारियों को लेकर बड़े पैमाने पर मास्टर प्लान के तहत सड़क चौड़ीकरण अभियान चलाया जा रहा है। 2028 के महाकुंभ में देश-विदेश से 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, जिसके मद्देनजर शहर के प्रमुख और व्यस्ततम मार्गों को 12 मीटर से बढ़ाकर 15 मीटर तथा 24 मीटर तक चौड़ा किया जा रहा है। सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे धार्मिक ढांचों को लेकर अफवाहों और तनाव के बीच जिला प्रशासन, नगर निगम और शहर काजी खलील उर रहमान ने स्पष्ट किया है कि पूरी कार्रवाई निष्पक्ष, सर्वसमावेशी और आपसी सहमति से की जा रही है।

प्रभावित धर्मस्थलों के आंकड़े और वर्तमान स्थिति
उज्जैन नगर निगम और जिला प्रशासन के विस्तृत सर्वे के अनुसार, शहर भर में विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत 50 से अधिक धार्मिक स्थल (मंदिर, मस्जिद के आंशिक हिस्से, मजारें व चबूतरे) एलाइनमेंट की सीमा में आए हैं:
- कोयला फाटक से गोपाल मंदिर मार्ग: इस 730 मीटर से 1.8 किमी के पैच पर कुल 15 धार्मिक स्थल एलाइनमेंट में आए थे, जिनमें से 12 धर्मस्थलों को आपसी सहमति से विस्थापित किया जा चुका है।
- वीडी मार्केट से छोटी पुलिया मार्ग: इस रूट पर 11 धार्मिक स्थल चिन्हित किए गए हैं, जिनके पुनर्वास की प्रक्रिया जारी है।
- खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक मार्ग: यहां 15 धार्मिक स्थल एलाइनमेंट के दायरे में आए हैं।
- वैकल्पिक परिसर की तैयारी: विस्थापित धर्मस्थलों के पुनरुद्धार के लिए नगर निगम द्वारा टंकी चौराहा स्थित जमीन को नए सर्व-धार्मिक परिसर के रूप में विकसित किया जा रहा है।
गोपाल मंदिर और छत्री चौक क्षेत्र की स्थिति
प्रसिद्ध ऐतिहासिक द्वारकाधीश गोपाल मंदिर (19वीं सदी में महारानी बायजाबाई शिंदे द्वारा निर्मित) के संबंध में प्रशासन ने स्थिति साफ की है कि मंदिर का मूल गर्भगृह पूरी तरह सुरक्षित है। केवल पहुंच मार्गों, बाहरी व्यावसायिक अतिक्रमणों और सड़क सीमा में आने वाले एलाइनमेंट हिस्सों को हटाया जा रहा है।
वहीं, छत्री चौक के समीप खड़े हनुमान मंदिर के स्ट्रक्चर को हटाए जाने के बाद मूर्ति स्थानांतरण की प्रक्रिया श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए सौहार्दपूर्ण ढंग से पूरी की जा रही है।
शाही मस्जिद मामला: हाईकोर्ट की मुहर और शहर काजी की अपील
कंठाल चौराहे के पास स्थित ऐतिहासिक शाही मस्जिद के एलाइनमेंट को लेकर 28 सितंबर को फैली अफवाहों के बाद उपजे अल्पकालिक तनाव को प्रशासन और मस्जिद कमेटी ने सुलझा लिया है:
- सहमति पत्र (MOU): प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच बनी सहमति के तहत मस्जिद का अग्रिम 3 फीट का हिस्सा और मीनार को शिफ्ट करने पर रजामंदी बनी है।
- हाईकोर्ट का फैसला: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (इंदौर पीठ) ने प्रशासन और मस्जिद कमेटी के लिखित समझौते को स्वीकार करते हुए याचिका का निस्तारण कर दिया।
- शहर काजी की अपील: शहर काजी खलील उर रहमान ने वीडियो संदेश जारी कर नागरिकों से सोशल मीडिया की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मस्जिद का निर्धारित हिस्सा हटाने का कार्य तय समझौते के तहत मुस्लिम समुदाय के सहयोग से शांतिपूर्ण ढंग से किया जा रहा है।
- पुलिस कार्रवाई: 28 सितंबर को हुए हंगामे के दौरान अफवाह फैलाने के आरोप में 5 कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और 15 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया था।
सर्वसमावेशी नीति: पक्षपातमुक्त विकास कार्य
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सिंहस्थ 2028 का विकास कार्य बिना किसी भेदभाव के किया जा रहा है। एलाइनमेंट के दायरे में आने वाले जनप्रतिनिधियों के निजी निर्माणों को भी हटाया गया है। सनातन मंदिरों के विग्रहों को पूर्ण विधि-विधान और पूजा-अर्चना के बाद स्थापित किया जा रहा है, वहीं मस्जिदों व मजारों के मामले में आपसी सहमति से री-एलाइनमेंट कर उज्जैन के प्राचीन धार्मिक स्वरूप को अक्षुण्ण रखा जा रहा है।
प्रांशु विश्वकर्मा मध्य प्रदेश के सतना जिले के युवा ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर, कंटेंट राइटर हैं। पिछले 4 वर्षों से वे क्षेत्रीय डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। बिजनेस, रोजगार, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रभावशाली अंदाज़ में प्रस्तुत करने के साथ-साथ वे प्रोफेशनल न्यूज़ ग्राफिक्स, वीडियो एडिटिंग और सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। वे Satna Times, Udghosh Samay News, Prabha Superfast, state break News जैसे डिजिटल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े रहे हैं।
