उज्जैन शाही मस्जिद विवाद में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: 3 फीट जगह देने और मीनार शिफ्ट करने पर प्रशासन व कमेटी में बनी सहमति, याचिका का निपटारा

मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत जारी सड़क चौड़ीकरण मामले में एक बड़ा कानूनी व प्रशासनिक मोड़ आया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने उज्जैन की ऐतिहासिक शाही मस्जिद से जुड़े विवाद पर दायर याचिका का निपटारा कर दिया है। हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन और शाही मस्जिद कमेटी के बीच आपसी सहमति से बने समझौते (MOU) को आधार बनाते हुए यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया।

क्या हैं समझौते की मुख्य शर्तें?

प्रशासन और शाही मस्जिद कमेटी के बीच हुई बैठक में शहर के विकास और सौहार्द को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति बनी:

  • 3 फीट जगह छोड़ेगी मस्जिद कमेटी: सड़क को 15 मीटर चौड़ा करने के लिए मस्जिद परिसर की करीब 3 फीट जगह दी जाएगी।
  • बड़ी मीनार का होगा स्थानांतरण: मस्जिद की बड़ी मीनार को ध्वस्त करने के बजाय तकनीक की मदद से दूसरी ओर सुरक्षित रूप से शिफ्ट (स्थानांतरित) किया जाएगा।
  • विस्थापित दुकानों को वैकल्पिक जगह: सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाली मस्जिद परिसर की दुकानों को हटाया जाएगा, जिसके बदले नगर निगम द्वारा दुकानदारों को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।
  • कोर्ट की सख्ती: हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि नगर निगम और जिला प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन उनके लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी होंगे।

सोमवार को हुए हंगामे पर पुलिस की सख्त कार्रवाई: 7 पर FIR, 15 हिरासत में

इससे पूर्व सोमवार सुबह जब चौड़ीकरण की कार्रवाई शुरू हुई थी, तब कुछ असामाजिक तत्वों ने अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया था:

  1. पथराव व पुलिस कार्रवाई: मौके पर उपद्रवियों द्वारा पथराव किए जाने पर पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस झड़प में महिला थाना प्रभारी भी घायल हो गईं।
  2. कानूनी शिकंजा: पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 15 उपद्रवियों को हिरासत में लिया है, जबकि माहौल खराब करने और भड़काने के आरोप में एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर समेत 7 लोगों पर नामजद FIR दर्ज की गई है।

सिंहस्थ प्रोजेक्ट: 15 में से 12 धर्मस्थल पहले ही हटाए जा चुके

कंठाल चौराहे से प्रसिद्ध गोपाल मंदिर तक सड़क को 15 मीटर चौड़ा करने का काम ‘सिंहस्थ 2028’ प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा है। इस 900 मीटर के रूट पर कुल 15 धार्मिक संरचनाएं आ रही थीं, जिनमें से 12 को जनसहयोग से पहले ही हटाया जा चुका है।

शाही मस्जिद मामले में हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब चौड़ीकरण का कार्य बिना किसी बाधा के तेजी से पूरा किया जा सकेगा।

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