मध्य प्रदेश की पवित्र धार्मिक नगरी उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले भव्य ‘सिंहस्थ महाकुंभ’ की तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं। इस ऐतिहासिक आयोजन में करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए शहर की प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। इसी कड़ी में कंठल चौराहे से गोपाल मंदिर तक 15 मीटर सड़क चौड़ीकरण के रास्ते में आ रहे ऐतिहासिक शाही मस्जिद के प्रस्तावित हिस्से को लेकर सोमवार को काफी गहमागहमी और हंगामा देखने को मिला। हालांकि, प्रशासन की समझाइश और संवाद के बाद मुस्लिम समुदाय खुद आगे आया और स्वेच्छा से मस्जिद के चिह्नित हिस्से को हटाने के लिए सहमत हो गया।
40 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए सुगम ट्रैफिक व्यवस्था
सिंहस्थ 2028 के दौरान यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए कंठल स्क्वायर से गोपाल मंदिर तक 900 मीटर के रूट को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है:
- 60 धार्मिक ढांचे प्रभावित: सड़क चौड़ीकरण के मास्टर प्लान के दायरे में लगभग 60 धार्मिक ढांचे और व्यावसायिक निर्माण आ रहे थे, जिनमें से अधिकांश को पूर्व में ही हटाया जा चुका है।
- शाही मस्जिद व मजार बनीं चर्चा का केंद्र: करीब 1390 ईस्वी (लगभग 600 साल पुरानी) बताई जा रही वक्फ संपत्ति ‘शाही मस्जिद’ के प्रार्थना कक्ष, एक मीनार और उससे जुड़ी संरचनाओं को आंशिक रूप से हटाया जाना प्रस्तावित था। इसके अलावा ‘खड़े हनुमान मंदिर’ के पास स्थित एक मजार भी चौड़ीकरण के दायरे में आई है।
सीएम मोहन यादव ने खुद तोड़ा अपना पैतृक आवास
शहर के विकास और सिंहस्थ के महाआयोजन में निष्पक्षता और मिसाल पेश करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद पहल की:
- खुद चलाई कुदाली: मुख्यमंत्री का पैतृक निवास भी इसी सड़क चौड़ीकरण के मार्ग में आ रहा था। रविवार को सीएम मोहन यादव ने खुद कुदाली चलाकर अपने पुस्तैनी मकान के अग्रिम हिस्से को तोड़ने की शुरुआत की।
- स्थानीय निवासियों का सहयोग: सीएम के इस कदम से प्रेरित होकर उज्जैन के आम नागरिकों और व्यापारियों ने भी शहर के व्यापक हित में अपने मकानों व दुकानों के प्रभावित हिस्सों को स्वेच्छा से हटाना शुरू कर दिया है।
विरोध से शांति तक: मुस्लिम समुदाय ने खुद संभाला मोर्चा
शुरुआत में मस्जिद के हिस्से को गिराने की खबर पर कुछ स्थानीय लोगों में नाराजगी और हंगामे की स्थिति निर्मित हुई थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उज्जैन पुलिस ने मौके पर बल तैनात किया और उपद्रवियों पर लाठी भांजकर शांति व्यवस्था बहाल की।
इसके बाद जिला प्रशासन और मुस्लिम समुदाय के प्रबुद्ध जनों के बीच हुई सकारात्मक बातचीत के बाद समुदाय के लोगों ने स्वयं शाही मस्जिद के चिह्नित हिस्से को हटाने का काम शुरू कर दिया। वर्तमान में क्षेत्र में पूरी तरह शांति है और एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रांशु विश्वकर्मा मध्य प्रदेश के सतना जिले के युवा ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर, कंटेंट राइटर हैं। पिछले 4 वर्षों से वे क्षेत्रीय डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। बिजनेस, रोजगार, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रभावशाली अंदाज़ में प्रस्तुत करने के साथ-साथ वे प्रोफेशनल न्यूज़ ग्राफिक्स, वीडियो एडिटिंग और सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। वे Satna Times, Udghosh Samay News, Prabha Superfast, state break News जैसे डिजिटल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से जुड़े रहे हैं।
