मध्य प्रदेश में बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश: मेट्रिमोनियल साइट्स पर NRI बन करते थे शादी का वादा, 11 करोड़ की ठगी करने वाले 6 आरोपी गिरफ्तार

मध्य प्रदेश पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए मंदसौर जिले से संचालित एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह भारत की प्रसिद्ध मेट्रिमोनियल (वैवाहिक) साइट्स पर खुद को अप्रवासी भारतीय (NRI) बताकर महिलाओं और उनके परिवारों को शादी का झांसा देता था। पुलिस ने राजस्थान और बिहार में दबिश देकर गिरोह के मुख्य सरगना समेत 6 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने देशभर में 150 से अधिक साइबर वारदातों को अंजाम देकर 11 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की है।

मंदसौर के शामगढ़ की महिला से ठगे थे 7.50 लाख रुपये

मंदसौर पुलिस अधीक्षक (SP) विनोद कुमार मीना के मार्गदर्शन में शुरू हुई इस कार्रवाई की शुरुआत शामगढ़ थाने में दर्ज एक शिकायत से हुई थी:

  • गिफ्ट और कस्टम ड्यूटी का जाल: शामगढ़ निवासी एक महिला ने मेट्रिमोनियल साइट पर अपनी प्रोफाइल बनाई थी। आरोपियों ने फर्जी NRI बनकर महिला से संपर्क साधा और शादी का भरोसा दिलाया।
  • विदेशी पार्सल का झांसा: पीड़िता का विश्वास जीतने के बाद आरोपी ने विदेश से महंगा गिफ्ट भेजने की बात कही। इसके बाद कथित कस्टम अधिकारी बनकर दिल्ली/एयरपोर्ट कस्टम में पार्सल फंसने का नाटक किया गया और कस्टम ड्यूटी व प्रोसेसिंग फीस के नाम पर महिला से 7 लाख 50 हजार रुपये अलग-अलग खातों में जमा करा लिए गए।

2 महीने का तकनीकी विश्लेषण, जयपुर और बिहार से पकड़ाए आरोपी

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष साइबर टीम गठित की गई, जिसने 2 महीने तक डिजिटल फुटप्रिंट्स और बैंक ट्रांजैक्शन खंगाले:

  1. जयपुर से पहली सफलता: तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने सबसे पहले राजस्थान की राजधानी जयपुर में छापेमारी कर गिरोह के सदस्यों को दबोचा।
  2. बिहार के अरवल से सरगना गिरफ्तार: पूछताछ के बाद मुख्य सरगना की लोकेशन बिहार के अरवल जिले में मिली, जहां से पुलिस ने सरगना समेत अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
  3. बरामदगी व सीजर:
    • सामग्री: 22 एंड्रॉइड मोबाइल, 30 मोबाइल सिम कार्ड और 5 एटीएम कार्ड जब्त।
    • खाते फ्रीज: विभिन्न बैंक खातों में जमा 8 लाख रुपये से अधिक की राशि तुरंत फ्रीज कराई गई।

150 से अधिक ‘म्यूल अकाउंट्स’ और नष्ट कर देते थे सिम-एटीएम

पुलिस तफ्तीश में गिरोह के काम करने का चौंकाने वाला तरीका सामने आया है:

  • म्यूल बैंक खातों का खेल: ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए 150 से अधिक म्यूल (किराए के/फर्जी) बैंक खातों का उपयोग किया जाता था। ये सिम कार्ड और खाते दिल्ली, आगरा, फिरोजाबाद, भोपाल और बिहार से हासिल किए गए थे।
  • साक्ष्य मिटाने की साजिश: जैसे ही कोई बैंक खाता फ्रीज होता था, आरोपी अपने मोबाइल, सिम, एटीएम और पासबुक को नष्ट कर नए खातों और मोबाइल नंबरों से फिर ठगी शुरू कर देते थे।

एमपी पुलिस की एडवाइजरी: 1930 पर तुरंत करें शिकायत

मध्य प्रदेश पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि मेट्रिमोनियल साइट्स, ऑनलाइन ट्रेडिंग या अनजान नंबरों से आए आकर्षक ऑफर और गिफ्ट के नाम पर किसी पर भरोसा न करें। किसी भी स्थिति में अपना ओटीपी, पिन या पासवर्ड शेयर न करें। साइबर फ्रॉड होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

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