नेपाल पर पड़ी कुदरत की दोहरी मार: विनाशकारी बाढ़ की तबाही के बीच भूकंप के तेज झटके, 5.0 मापी गई तीव्रता

नई दिल्ली भारत के पड़ोसी देश नेपाल पर इस समय प्राकृतिक आपदाओं का पहाड़ टूट पड़ा है। एक तरफ पूरा देश भीषण बाढ़ की विभीषिका और तबाही से जूझ रहा है, तो दूसरी तरफ मंगलवार को आए भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। नेपाल की राजधानी काठमांडू और आसपास के इलाकों में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 दर्ज की गई है।

तबाही के खौफ से घरों से बाहर निकले लोग

भूकंप आते ही काठमांडू और इसके समीपवर्ती क्षेत्रों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। दरअसल, बीते 26 अगस्त को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से भारी तबाही हुई थी। इस वजह से बाढ़ के मंजर से उबरे लोग भूकंप का झटका महसूस होते ही बुरी तरह सहम गए।

हालांकि, राहत की बात यह है कि इस भूकंप से फिलहाल किसी भी प्रकार की जनहानि या बड़े नुकसान की खबर नहीं मिली है। उल्लेखनीय है कि नेपाल हिमालयी फॉल्ट लाइन पर स्थित होने के कारण समय-समय पर मध्यम और तीव्र गति के भूकंपीय झटकों का सामना करता रहता है।

बाढ़ में अब तक कई मौतें, हजारों लापता

नेपाल और उससे सटे तिब्बत के इलाकों में हाल ही में आई विकराल बाढ़ ने बड़ी त्रासदी मचाई है। इस आपदा में कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग अब भी लापता हैं। फिलहाल देश के प्रभावित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। ऐसे नाजुक समय में आए भूकंप ने नेपाल की जनता और प्रशासन दोनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

भू-वैज्ञानिकों के अनुसार, 5.0 तीव्रता का भूकंप मध्यम श्रेणी में आता है और इससे बड़ा विनाश नहीं होता। फिर भी, नुकसान का स्तर भूकंप के केंद्र की गहराई पर निर्भर करता है। गौरतलब है कि साल 2015 में नेपाल में आया 7.8 तीव्रता का भयानक भूकंप देश के इतिहास की सबसे दर्दनाक प्राकृतिक आपदाओं में से एक था। इसलिए यहाँ छोटे से छोटे भूकंप को भी बेहद गंभीरता से लिया जाता है।

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