सतना में साइबर ठगों से सांठगांठ: फर्जी सिम बेचने वाले POS एजेंट समेत 2 गिरफ्तार, फर्जीवाड़े से करा रहे थे ‘डिजिटल अरेस्ट’

मध्य प्रदेश के सतना जिले की कोलगवां पुलिस और साइबर सेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी सिम कार्ड बेचकर साइबर ठगों की मदद करने वाले एक नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने ग्राहकों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर अतिरिक्त सिम एक्टिवेट करने वाले पीओएस (POS) एजेंट और उसे ठगों तक पहुंचाने वाले बिचौलिए को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

बेंगलुरु में हुए लाखों के साइबर फ्रॉड से खुला राज

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ समय पहले कर्नाटक के बेंगलुरु में एक बड़े साइबर फ्रॉड को अंजाम दिया गया था। जांच में पता चला कि जिस सिम कार्ड से ठगी की गई, वह सतना के एक युवक के नाम पर पंजीकृत था। स्टेट साइबर सेल के निर्देश पर जब सतना पुलिस ने पड़ताल शुरू की, तो संदिग्ध 38 सिम कार्डों की सूची सामने आई।

जांच के दौरान जब असली ग्राहक सनत कुमार सिंह, महेन्द्र साकेत और नीलू मिश्रा को बुलाकर पूछताछ की गई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। तीनों ने बताया कि 4-5 महीने पहले उन्होंने संकटमोचन मोबाइल शॉप माधवगढ़ के पीओएस एजेंट रजनीकांत साकेत (29 वर्ष, निवासी इटौरा, रामपुर बाघेलान) को सिम पोर्ट कराने के लिए अपने पहचान पत्र दिए थे। एजेंट ने उनका काम तो नहीं किया, लेकिन दस्तावेज अपने पास रख लिए।

₹200 के कमीशन के लिए साइबर ठगों को बेचे सिम

कड़ाई से पूछताछ करने पर पीओएस एजेंट रजनीकांत ने बताया कि वह ग्राहकों के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर अतिरिक्त सिम निकाल लेता था। इसके बाद वह इन सिम कार्डों को ₹200 प्रति सिम के हिसाब से अखिलेश सतनामी (21 वर्ष, निवासी सकरिया, कोलगवां) को बेच देता था।

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दूसरे आरोपी अखिलेश को भी धर दबोचा। पूछताछ में अखिलेश ने खुलासा किया कि वह टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए दूसरे राज्यों के साइबर अपराधियों से जुड़ा हुआ था। वह मोटे कमीशन के लालच में इन फर्जी सिमों की सप्लाई देश भर में कर रहा था।

20 से ज्यादा सिम बेचे, ‘डिजिटल अरेस्ट’ में हुआ इस्तेमाल

अब तक की पुलिस जांच में दोनों आरोपियों ने 20 से अधिक फर्जी सिम कार्ड बेचने की बात कबूल की है। इन सिम कार्ड्स का इस्तेमाल साइबर अपराधों और लोगों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी देकर ठगी करने में किया जा रहा था।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 3(5), आईटी एक्ट की धारा 66(C) और दूरसंचार अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मंगलवार दोपहर दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के बाकी नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *