शहीद होने के बाद भी देश के काम आया आर्मी जवान का दिल: ‘धड़कते दिल’ की खातिर नोएडा में बना ग्रीन कॉरिडोर

नोएडा/चंडीगढ़ देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले भारतीय सेना के एक वीर जवान ने दुनिया से विदा होने के बाद भी मानवता की मिसाल पेश की है। ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद शहीद जवान का दिल (हार्ट) किसी अन्य मरीज को नई जिंदगी देने के काम आया है। चंडीगढ़ से नोएडा स्थित अस्पताल तक ‘धड़कते दिल’ को सुरक्षित और बिना किसी देरी के पहुंचाने के लिए एक विशेष ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।

परिवार ने निभाया देशसेवा का फर्ज, डॉक्टरों को सौंपा दिल

चंडीगढ़ में इलाज के दौरान जब डॉक्टरों ने आर्मी अफसर को ‘ब्रेन डेड’ घोषित कर दिया, तो उनके परिवार ने एक बेहद साहसिक और प्रेरणादायक फैसला लिया। जवान के परिवारजनों ने उनकी इच्छा और देशसेवा के जज्बे का सम्मान करते हुए उनके अंगों को दान करने की सहमति दी। परिजनों की हरी झंडी मिलते ही डॉक्टरों की मेडिकल टीम ने तुरंत ऑर्गन ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू कर दी।

चंडीगढ़ से नोएडा तक बना ग्रीन कॉरिडोर

हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए समय बेहद संवेदनशील होता है। इसलिए चंडीगढ़ से दिल्ली-नोएडा तक ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से एक विशेष ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया। इस कॉरिडोर के जरिए एम्बुलेंस ने बिना किसी ट्रैफिक बाधा के तय समय सीमा के भीतर ‘धड़कते दिल’ को नोएडा के अस्पताल तक पहुंचाया।

किसी अन्य मरीज को मिला नया जीवन

नोएडा के अस्पताल में पहले से तैयार सर्जनों की विशेष टीम ने तुरंत ही पीड़ित मरीज में इस दिल का सफल प्रत्यारोपण (हार्ट ट्रांसप्लांट) किया। अमर शहीद जवान के इस अंगदान से अब एक व्यक्ति को नया जीवन मिल सका है। जवान की इस शहादत और उनके परिवार के इस महान योगदान की हर तरफ सराहना हो रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *